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गरीबों को महंगी मेडिकल जांच से मिल सकती है राहत

Sun, 15 Jun 2014 01:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 15 Jun 2014 01:46 PM IST
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Free treatment & test facilities in government hospitals for the poor

देश के गरीब परिवारों के लिए खुशखबरी है। संभव है कि जल्द ही उन्हें केंद्र सरकार के अस्पतालों में मुफ्त दवाओं के साथ मुफ्त जांच की सुविधा भी मिल सकती है।

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स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के निर्देश के बाद मंत्रालय ने इस पर विचार करना शुरू कर दिया है।

सरकार पर सबसे पहला हक गरीबों का होने के पीएम नरेंद्र मोदी के संसद में दिए बयान के अनुरूप गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने की योजना की शुरुआत दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से होगी।
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इसके बाद दिल्ली समेत छह राज्यों में खुले एम्स में भी इसे लागू करने पर विचार किया जाएगा।

महंगी जांच से मिलेगी राहत!

Free treatment & test facilities in government hospitals for the poor

स्वास्थ्य मंत्री ने शुक्रवार को गरीबों से एमआरआई और सीटी स्कैन जांच की फीस नहीं वसूले जाने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा था कि गरीब मरीज ऐसी सुविधाओं के लाभ पाने के हकदार हैं।

मेडिकल जांचों को उनके उपचार का एक भाग माना जाना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री के इस रुख के बाद मंत्रालय ने डायरेक्टर जनरल और हेल्थ सविर्सेज (डीजीएचएस) को गरीबों के मुफ्त जांच की सुविधा को लेकर नीति तैयार करने और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए इस प्रस्ताव की समीक्षा करने को कहा है।

पायलट स्तर पर इसकी शुरूआत सफदरजंग अस्पताल से होगी। बाद में इसे सभी केंद्रीय अस्पतालों के लिए लागू किया जा सकता है।

सफदरजंग अस्पताल से होगी शुरूआत

Free treatment & test facilities in government hospitals for the poor

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि गरीबी रेखा से नीचे आने वाले लोगों के लिए सफदरजंग अस्पताल में सुविधा शुरू करने से सरकार पर विशेष आर्थिक बोझ नहीं बढ़ेगा।

अगर अस्पताल में गरीबों से जांच शुल्क नहीं लिया जाए तो सालाना करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा। इस बोझ को उठाने में केंद्र सरकार को दिक्कत नहीं आएगी।

माना जा रहा है कि छह नए एम्स में भी इस तरह की सुविधा शुरू होगी। अधिकारियों की मानें तो गरीबों को ध्यान में रखकर तैयार हो रही इस नीति को अगले तीन से छह महीने में अमलीजामा पहनाया जा सकता है।

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