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सभी प्राइवेट स्कूलों में आसान नहीं होगा फ्री एडमिशन

Thu, 29 Nov 2012 08:22 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो
लखनऊ/ब्यूरो Updated Thu, 29 Nov 2012 08:22 AM IST
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free admission will not be easy in all private schools

उत्तर प्रदेश सरकार ने भले ही गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूल की 25 फीसदी सीटों पर मुफ्त एडमिशन देने का निर्णय कर लिया है, लेकिन सभी प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को एडमिशन मिलना आसान नहीं होगा। शिक्षा विभाग के अधिकारी गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त एडमिशन दिलाने के लिए नेवरहुड यानी नजदीक के प्राइवेट स्कूलों का चयन कराते हुए इसकी सूची प्रकाशित कराएंगे और इसके आधार पर ही बच्चों को एडमिशन दिया जाएगा। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार कर रहा है जिसे शीघ्र जारी करने की तैयारी है।

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शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को मुफ्त में शिक्षा देने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए बच्चों के घर के आसपास ही स्कूल की व्यवस्था की जानी है। केंद्र सरकार ने इसके लिए स्कूल खोलने का मानक भी निर्धारित कर रखा है।
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एक किमी और 300 की आबादी पर एक प्राथमिक और 3 किमी और 800 की आबादी पर एक उच्च प्राथमिक स्कूल खोले जाने हैं। इसके बाद भी यदि सरकारी स्कूल की व्यवस्था नहीं हो पाती है, तो स्थानीय प्राधिकारी यानी ग्राम पंचायत, नगर निगम, पालिका परिषद, नगर पंचायत और शिक्षा विभाग के अधिकारी किसी पड़ोसी विद्यालय को चिह्नित करते हुए बच्चों को मुफ्त में एडमिशन दिलाने की व्यवस्था कराएंगे।
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इन स्कूलों के न होने पर सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को चिह्नित करते हुए कुल छात्र संख्या के आधार पर 25 फीसदी सीटों पर एडमिशन दिलाने की व्यवस्था की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में खंड शिक्षा अधिकारी और नगर क्षेत्र में नगर शिक्षा अधिकारी ऐसे स्कूलों को चिह्नित करते हुए सूची तैयार कर प्रकाशित कराएंगे, ताकि बच्चों को एडमिशन दिलाया जा सके।


माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में भी कक्षा 8 तक के स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। इसलिए बेसिक शिक्षा विभाग की तरह माध्यमिक शिक्षा विभाग भी पड़ोसी स्कूल को चिह्नित करेगा।

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