फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   frauds of shivkumar

यूपी के करोड़पति लेखपाल के कुछ और चौंकाने वाले खुलासे

Wed, 19 Nov 2014 02:57 PM IST
Updated Wed, 19 Nov 2014 02:57 PM IST
विज्ञापन
frauds of shivkumar

उत्तरप्रदेश में लेखपालों के नेता शिवकुमार ने फर्जी नामों से जो पट्टे काटे उन सबको उसके पुत्र राहुल गोयल और पुत्रवधू रेणू ने खरीद लिए। कागजों की हेराफेरी से शिवकुमार ने 300 बीघा जमीन केवल फर्जी पट्टों से अपने बेटे के नाम कर ली।

विज्ञापन

 
शिवकुमार ने शुक्रताल, मजलिसपुर तौफिर, लुकादड़ी, शाहजहांपुर, सीकरी, फिरोजपुर में अपने परिजनों और रिश्तेदारों के नाम फर्जी पट्टे काटे। सभी के निवास स्थान भी फर्जी दिखाए।
विज्ञापन


शिवकुमार ने ऐसा खेल रचा कि 38 पट्टेदारों से अपने पुत्र के नाम और पांच से अपनी पुत्रवधू के नाम जमीन खरीदी दिखा दी।

उसने ऐसा इसलिए किया कि भूमि नंबर एक में उसके बेटे और बहू के नाम आ जाए। जिन लोगों से राहुल के नाम जमीन खरीदी दिखाई उनमें बबीता, सोमदत्त, कंवरसेन, सियाराम, राकेश, मंगल, शरद कुमार, अमर सिंह, प्यारे सिंह, मिथलेश, योगेश, रामपाल, गंगाराम, श्याम, भगवाना, पप्पू, सुखदेव, राजेश, सतवीर, पुष्पा, इलियास, कलीराम, तुलाराम, मेघराज, बुद्धराम, दयाराम, वीरसिंह, मेघराज, पाल्ला, ताराचंद, बालू, विष्णुदत्त शामिल हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

जनता इंटर कॉलेज की 498 बीघा जमीन गायब

frauds of shivkumar

एडीएम वित्त एवं राजस्व ने बताया कि पट्टे काटकर जमीन पर कब्जा करने के लिए राहुल और रणू के नाम बैनामे कराए गए हैं। पूरे मामले की गंभीरता से जांच हो रही है। जमीन उन्हीं को मिलेगी जो उसके पात्र है।

भोपा के जीवेश त्यागी ने डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके पूर्वजों पंडित दामोदर प्रसाद निवासी मलपुरा आदि ने नौ अगस्त 1949 को मजलिसपुर तौफिर में 498 बीघा जमीन शिक्षा परिषद हायर सेकेंड्री दी थी।

फिलहाल उनकी दान दी हुई इस जमीन पर भी भू माफियाओं का कब्जा है।

करोड़ों की रकम की जमा

frauds of shivkumar

लेखपालों का नेता शिवकुमार करोड़ों में खेलता था। उसके घर से मिली डायरी और बैंक खातों के नंबरों की जब जांच कराई गई तो अधिकारियों के होश उड़ गए। उसके सात खातों में पांच करोड़ से अधिक की धनराशि जमा है। उसकी डायरी में साढे़ आठ करोड़ के लेनदेन का ब्यौरा मिला है।

शिवकुमार की संपत्ति के रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे हैं। एडीएम प्रशासन डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि छानबीन के दौरान उसके सात बैंक खाते मिले हैं, जिनमें पांच करोड़ से अधिक की राशि जमा है।

तलाशी के दौरान घर से मिली डायरी में साढे़ आठ करोड़ का लेनदेन भी पाया गया है। रिकॉर्ड के मुताबिक शिवकुमार ब्याज पर भी पैसे देता था। कुछ नेताओं के साथ भी उसके लेनदेन का ब्यौरा मिला है। इनमें भाजपा, बसपा के कुछ बड़े नेताओं के नाम भी सामने आए हैं। जिला प्रशासन डायरी की गंभीरता से जांच करा रहा है। प्रशासन ने बैंक अधिकारियों को खातों से लेनदेन पर रोक लगाने के साथ ही पुराने लेनदेन का ब्यौरा भी देने के लिए कहा है।

शिवकुमार ने बहन के नाम किया पट्टा

frauds of shivkumar

लेखपाल शिवकुमार के कारनामे अचरज भरे हैं, उसने अपनी ही बहन के नाम पट्टा कर दिया। कागजों में उसकी बिक्री भी करा दी।

शिवकुमार ने लुकादड़ी गांव में अपनी बहन राजेश का मजलिसपुर तौफीर का निवासी दिखाकर पट्टा काट दिया।

1.229 हेक्टेयर का पट्टा देने के बाद बिना किसी स्टांप के उसकी बिक्री भी दिखा दी और खतौनी में इंद्राज भी कर दिया, जबकि उसका कोई बैनामा और वाद पत्रावली तैयार ही नहीं हुई। अभिलेखागार में जो खतौनी जमा हुई उससे फर्जी इंद्राज का कागज फाड़ दिया गया। एडीएम वित्त एवं राजस्व ने कहा कि जो कार्य शिवकुमार ने किया यह बहुत ही गंभीर अपराध है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed