फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   fraud with mulayam singh yadav

सपा मुखिया मुलायम के साथ चौंकाने वाली धोखाधड़ी

Wed, 08 Jul 2015 12:56 PM IST
Updated Wed, 08 Jul 2015 12:56 PM IST
विज्ञापन
fraud with mulayam singh yadav

जालसाजी में उस्तादों के उस्ताद निकले शैलेंद्र अग्रवाल ने कॉल स्पूफिंग के जरिए सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को भी धोखा दे दिया। वो भी एक  नहीं, तीन बार। दरअसल, उसने पहले न्यूजीलैंड दूतावास का फोन नंबर हैक किया। इसके बाद इस नंबर से सपा अध्यक्ष के विक्रमादित्य मार्ग लखनऊ स्थित कार्यालय पर लंबी बात की। पुलिस ने चार्जशीट में इसका पूरा विवरण पेश किया है।

विज्ञापन


इसका खुलासा तब हुआ जब साइबर क्राइम सेल ने शैलेंद्र के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकलवाई। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाली श्वेता सिंह ने बताया था कि उसके पति दरोगा विजय सिंह चक के मोबाइल पर डीजीपी के मोबाइल नंबर से कॉल आई। उनसे पूछा गया कि शैलेंद्र के खिलाफ शिकायत क्यों की?
विज्ञापन


साइबर सेल ने जांच की तो पता चला कि डीजीपी ने विजय सिंह को कॉल नहीं की। इससे कॉल स्पूफिंग का शक पैदा हुआ। जांच में पता चला कि शैलेंद्र ने अपने मोबाइल नंबर 9719000674 पर सॉफ्टवेयर क्रेजी कॉल सपोर्ट का इस्तेमाल किया है। इसमें जो नंबर फीड किया जाता है, वही कॉल रिसीव करने वाले के मोबाइल की स्क्रीन पर नजर आता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

मुलायम के कार्यालय के नंबर पर तीन बार कॉल

fraud with mulayam singh yadav

श्वेता सिंह केस में दाखिल की गई 250 पेज की चार्ज शीट में इसका ब्योरा है। इसके मुताबिक शैलेंद्र ने तत्कालीन डीजीपी के मोबाइल नंबर हैक करके दरोगा को फोन किया था। इसी तरह उसने नई दिल्ली स्थित न्यूजीलैंड दूतावास का नंबर हैक किया। फिर इससे 16 अप्रैल 2015 को मुलायम सिंह यादव के कार्यालय के नंबर 0522-2235477 पर तीन बार कॉल ली।

पहली कॉल 54, दूसरी 84 और तीसरी 90 सेकेंड की थी। इसमें क्या बात हुई, इसकी जानकारी नहीं की गई? यह हैरानी की बात है कि उसने मुलायम सिंह यादव से बात करने के लिए न्यूजीलैंड दूतावास का नंबर क्यों इस्तेमाल किया? उसने सात से 22 अप्रैल के बीच कॉल स्पूफिंग का 15 बार इस्तेमाल किया।

जमानत के लिए अर्जी दी
आगरा। पांच मई से जेल में बंद शैलेंद्र ने जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। इस पर सुनवाई के लिए 10 जुलाई की तारीख मुकर्रर की गई है। यह अर्जी ग्वालियर रोड, बालूगंज निवासी सतीश कुमार जैन की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में दी गई है। जालसाज के खिलाफ 32 केस दर्ज हैं।

शैलेंद्र को पुलिस ने कुर्सी पर बैठाया

fraud with mulayam singh yadav

जालसाज शैलेंद्र अग्रवाल को न केवल जेल में ऐश-ओ-आराम मिल रहा है, बल्कि पेशी के दौरान भी उसकी पूरी खातिरदारी की जा रही है। इसका एक और नमूना सोमवार को उसकी पेशी के दौरान कचहरी में दिखाई दिया। उसकी अभिरक्षा में लगे पुलिसवालों ने उसे बाकी बंदियों के साथ हवालात में नहीं, बल्कि बाहर पेड़ की छांव में बैठाया। वो भी जमीन पर नहीं, कुर्सी पर। उससे मिलने वालों को बेरोकटोक आने दिया गया। उसने कोर्ट में अर्जी देने के लिए कागज मांगा तो सिपाही भागकर पेन भी साथ में लेकर आया।

पुलिस सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि पेशी के दौरान पुलिसवाले उसे अपने मोबाइल फोन से बात भी कराते हैं। इसके लिए हवालात के बाहर सिपाही उसके चारों ओर घेरा बनाकर खड़े हो जाते हैं, ताकि वह नजर न आए। इसके बाद वह आराम से कुर्सी पर बैठकर फोन पर बात करता है।

सोमवार दोपहर जैसे ही वह कचहरी पहुंचा, उसे हवालात के पास ले जाया गया। इसके बाद उसे पेड़ के नीचे कुर्सी पर बैठाया गया। दो सिपाही उसके पास ही खड़े रहे। पुलिसवाले यह भी ध्यान रखते हैं कि कोई उसकी फोटो न खींचने पाए। कैमरा देखते ही दौड़ पड़ते हैं। गौरतलब है कि जेल में छापे के दौरान उसकी बैरक में सेट टॉप बॉक्स मिला था। तब खुलासा हुआ कि वह जेल में ऐश कर रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed