72825 शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा
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उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में 72825 शिक्षक भर्ती में जारी हुए नियुक्ति पत्र में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि एससीईआरटी की चयन सूची में जारी मेरिट एवं यूपी बोर्ड की ओर से जारी टीईटी रिजल्ट की पहली सूची का मिलान करने पर अंकों का बड़ा अंतर सामने आया है। एससीईआरटी की चयन सूची जारी होने के बाद उप्र टीईटी संघर्ष मोर्चा की ओर से जब टीईटी के मूल रिजल्ट से मिलान किया गया तो गड़बड़ी का पता चला।
इन अभ्यर्थियों की मानें तो आजमगढ़ जिले के एक अभ्यर्थी को टीईटी में मात्र 37 अंक मिले थे, यह अभ्यर्थी फेल था। इस अभ्यर्थी ने टीईटी अंकपत्र में गड़बड़ी करके अपना नंबर 111 करवाकर सीतापुर में एससी कोटा में चयन पा लिया।
आगरा के एक अभ्यर्थी को टीईटी में 94 अंक मिले थे, संशोधन के बाद इसका नंबर 96 हो गया। इस अभ्यर्थी ने फर्जी अंकपत्र में 118 अंक करवाकर बलरामपुर में नियुक्ति पत्र हासिल कर लिया। इसी प्रकार आजमगढ़ में ही एक अभ्यर्थी ने मात्र 19 नंबर पाने के बाद भी इसे 119 करके सीतापुर में चयन पा लिया।
पूरे प्रदेश से सामने आ रहे मामले
इस प्रकार के कई मामले पूरे प्रदेश में सामने आ रहे हैं। इलाहाबाद में भी 83 अंक पाने वाले एक अभ्यर्थी ने फर्जीवाड़ा करके इसे 120 अंक प्राप्त कर इलाहाबाद में ही चयन पा लिया है।
इस बात की शिकायत लेकर जब अभ्यर्थी बीएसए के पास पहुंचे तो उन्होंने जांच करवाने से मना कर दिया। अभ्यर्थियों ने जिलाधिकारी से शिकायत की। डीएम ने बीएसए एवं डायट प्राचार्य से इस बारे में जानकारी मांगी।
डायट प्राचार्य विनोद कृष्ण ने बताया कि फर्जीवाड़ा करने वाले अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच करके उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई को कहा गया है। इस प्रकार के आदेश निदेशक की ओर से पहले से ही जारी हैं।