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आप के 'दागी मंत्री' को लेकर एक और खुलासा

Fri, 12 Jun 2015 10:34 AM IST
Updated Fri, 12 Jun 2015 10:34 AM IST
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fraud case against ex law minister jitendra singh tomar

दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर का एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। पूर्व कानून मंत्री ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी का भी फर्जी माइग्रेशन सर्टिफिकेट बनवाया था। यह खुलासा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा किए गए वेरिफिकेशन में हुआ है।

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मंगलवार को दिल्ली में सत्तारूढ़ पार्टी ‘आप’ के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर को पुलिस द्वारा फर्जी डिग्री के मामले में गिरफ्तार करने के बाद एक के बाद फर्जी वाड़ा सामने आ रहा है।
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इसी क्रम में उनका नाम बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (बीयू) से भी जुड़ गया है। तिलका मांझी भागलपुर, विश्वविद्यालय के इंस्पेक्टर ऑफ कालेज आशुतोष प्रसाद द्वारा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव से माइग्रेशन सर्टिफिकेट के संबंध में मांगी गई जानकारी से यह राज खुला है।

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जांच को बीयू भी आ सकती पुलिस

fraud case against ex law minister jitendra singh tomar

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव से जितेंद्र सिंह तोमर पुत्र बलवीर सिंह तोमर को प्रवजन प्रमाण पत्र संख्या 156 दिनांक 20-04-1993 निर्गत होने या न होने के बारे में जानकारी मांगी गई थी।

जांच के बाद इंस्पेक्टर ऑफ कालेज को भेजे गए जवाब में कुलसचिव ने कहा है कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा 1993 में 26 मार्च से पांच मई के बीच 7001 से 7100 क्रमांक तक के माइग्रेशन सर्टिफिकेट जारी किए गए। बुकलेट में क्रम संख्या 156 का कहीं जिक्र नहीं है। इससे तय है कि जितेंद्र सिंह तोमर के नाम से बना माइग्रेशन प्रमाण पत्र फर्जी है।

कोर्ट से पूर्व कानून मंत्री की रिमांड मिलने के बाद दिल्ली पुलिस जितेंद्र सिंह तोमर को साथ लेकर फर्जीवाड़े से जुड़े एक-एक बिंदु की जांच कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि डा. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय व तिलका मांझी विश्वविद्यालय के बाद अब पुलिस जांच के लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय भी आ सकती है।

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