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आगरा: 42 बंदरों के शव मिलने से सनसनी

Sat, 07 Feb 2015 11:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा Updated Sat, 07 Feb 2015 11:45 PM IST
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fourty two monkeys body found.

आगरा जिले में लगातार तीसरे दिन भी बंदरों के शव मिलने से सनसनी फैल गई। शनिवार सुबह कैथोली गांव के पास सूखी उटंगन नदी में 42 शव दबाए गए थे। सूचना पर थाना पुलिस और वन विभाग की टीम पहुंची। पशु चिकित्सकों की टीम ने शवों का पोस्टमार्टम किया। डॉक्टरों ने बंदरों की मौत का कारण जहर माना है। वन विभाग ने आशंका जताई है कि पकड़ने के लिए खाने की वस्तु में मिलाकर डाली गई बेहोशी की दवा की अधिक डोज से उनकी मौत हुई होगी।

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बता दें, गुरुवार को अटा गांव की पुलिया के नीचे बंदरों के 12 और शुक्रवार को सरैंधी में 12 शव मिले थे। शनिवार को 42 शव उटंगन नदी में दबे होने की खबर से रोष फैल गया। बजरंग दल के हरीश त्यागी और विवेक शर्मा की सूचना पर इंस्पेक्टर एमए काजी और वन विभाग के दरोगा रन सिंह परमार पहुंचे और जमीन में दबे शवों को निकलवाया। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने बंदरों को मारे जाने की आशंका जताते हुए इसकी जांच कराने की मांग की।
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हरीश त्यागी ने कहा कि बंदर धार्मिक आस्था के प्रतीक हैं। उनकी समूह हत्या से जनभावनाओं को ठेस पहुंची है। वन दरोगा रनसिंह परमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। इंस्पेक्टर खेरागढ़ एमए काजी ने बताया कि गांव अयेला में बंदरों को पकड़वाया गया था। कुछ भाग गए और कुछ की मौत हो गई।
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उधर सैंया के मोहनपुर की नहर में भी 31 बंदरों के शव मिले। एसओ सैंया सुधीर कुमार सिंह ने वन विभाग और डाक्टरों की टीम को बुलाया। पोस्टमार्टम के बाद में कैथोली के जंगल में शव दफनाए गए। वनरक्षक डालचंद्र ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि फारेंसिक जांच के बाद मौत का कारण सामने आएगा।

ग्रामीणों ने बुलाए थे शिकारी
बताते हैं, अयेला गांव के लोगों ने जनता दिवस में बंदरों को पकड़वाने की मांग की थी लेकिन स्थानीय प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। सूत्रों के अनुसार ग्रामीणों ने सौ-सौ रुपये जमाकर बंदर पकड़ने वालों को दिए। उन्होंने पकड़ने के लिए खाने में बेहोश करने की दवा दी। लेकिन जब बंदर मर गए तो छिपाने के लिए उन्हें जमीन में दबा दिया।


प्रभारी जिलाधिकारी एनके पालीवाल ने बताया कि एसडीएम खेरागढ़ को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वन विभाग के सहयोग बंदरों के मरने के कारण का पता किया जा रहा है। जो दोषी होंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई होगी।

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