पाकिस्तानी नागरिक जावेद को हुई चार साल की सजा
पाकिस्तानी नागरिक जावेद को मंगलवार को सीजेएम कोर्ट ने चार साल की सजा सुनाई और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया। महराजगंज की कोर्ट में दूसरी बार पाकिस्तानी नागरिक को सजा हुई है। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
वहीं फैसले के खिलाफ जावेद के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। जावेद पर बिना वीजा और पासपोर्ट के भारतीय सीमा में दाखिल होने का आरोप है।
जावेद को 23 अक्टूबर को पुलिस के सहयोग से सुरक्षा एजेंसियों ने सोनौली बॉर्डर से गिरफ्तार किया था। उसके पास वीजा और पासपोर्ट नहीं था। तलाशी के दौरान उसके पास से विदेशी मुद्रा, मोबाइल का चार्जर और लैपटॉप भी मिला था।
पुलिस ने मामले में विदेशी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने जावेद पर आईएसआई एजेंट के शक में 28 अक्टूबर को रिमांड पर लिया था।
कई सुरक्षा एजेंसियों ने की पूछताछ
पांच दिन तक पुलिस लाइंस में रॉ समेत कई सुरक्षा एजेंसियों ने उससे पूछताछ की थी। सोमवार को जावेद के अधिवक्ता ने एक जुर्म स्वीकारोक्ति प्रार्थनापत्र कोर्ट को दिया। इसमें जावेद ने कबूल किया था कि वह गलत तरीके से भारत में प्रवेश कर रहा था।
मामले में मंगलवार को अभियोजन अधिकारी रघुवंश शुक्ल ने गवाह व कागजात पेश किया और आरोपी को कठोर से कठोर सजा की अपील किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिवाकर द्विवेदी ने गवाहों और कागजात के आधार पर जावेद को चार साल की सजा सुनाई और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया।
वहीं जावेद के अधिवक्ता एटी पांडेय का कहना है कि वह फैसला के खिलाफ हाईकोर्ट में जाएंगे। बता दें कि जावेद के पहले 1989 में पाकिस्तानी नागरिक खालिद मीर को डेढ़ साल की सजा सुनाई गई थी। उस पर भी विदेशी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज था।