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मोदी की 4 बातें जो उन्हें दूसरों से करती हैं अलग

Tue, 17 Sep 2013 05:07 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 17 Sep 2013 05:07 PM IST
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four things which make narendra modi different from others

नरेंद्र मोदी के बारे में एक जुमला मशहूर है कि आप उन्हें प्यार करें या नफरत, उन्हें अनदेखा नहीं कर सकते।

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उनके विरोधी उन्हें मौत का सौदागर और फेंकू कहते हैं। उन पर आरोप ये भी लगते है कि वे उन्हें अक्सर भूल जाते हैं, जो आगे बढ़ने में उनकी मदद करते हैं। फिर भी मोदी के चाहने वालों की संख्या कम नहीं है।
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जानिए, मोदी के जन्म दिन पर कुछ ऐसी बातें जो भारतीय राजनीति में उनका अलग मुकाम तय करती हैं।

सोशल मीडिया के बादशाह है मोदी
प्रधानमंत्री पद की दौड़ में सरपट भाग रहे नरेंद्र मोदी सोशल मीडिया के बेताज बादशाह हैं। भारत का कोई भी नेता फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर उन्हें टक्कर देने की स्थिति में नहीं है।
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फेसबुक पर नरेंद्र मोदी के ऑफिशियल पेज के लाइक्स 40 लाख से ज्यादा हैं, ट्विटर पर उनके 23 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। यू ट्यूब पर नरेंद्र मोदी के हर-छोटे बड़े भाषणों और मुलाकातों का वीडियो मौजूद है।

उनके चैनल के 76 हजार से ज्यादा सब्सक्रिप्शन हैं। वहां 23सौ से अधिक वीडियो अपलोडेड हैं।

सोशल मीडिया नरेंद्र मोदी की तारीफों से ही नहीं भरा है, उनके विरोधी वहां अतिसक्रिय है। ट्विटर पर #Feku मोदी के खिलाफ इस्तेमाल होने वाला सबसे मशहूर टैग है।

पीएम उम्मीदवार बने एकमात्र सीएम
नरेंद्र मोदी भारतीय राजनीति के इकलौते नेता हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री रहते हुए लोकसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनाया गया।

चौधरी चरण सिंह, वीपी सिंह, पीवी नरसिम्हा राव और एचडी देवगौडा ऐसे प्रधानमंत्री रहे हैं, जो अपने-अपने राज्यों के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं।

इनमें एकमात्र एचडी देवगौड़ा ऐसे नेता रहे हैं, जिन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। हालांकि चुनाव से पहले प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार उन्हें भी नहीं बनाया गया था।

मोदी 2014 लोकसभा चुनावों के बाद प्रधानमंत्री चुने जाते हैं तो वे ऐसे पहले मुख्यमंत्री होंगे, जिनके नेतृत्व में किसी पार्टी या गठबंधन ने लोकसभा में बहुमत पाया हो।

ऐसे सीएम, जिन पर अमेरिका में बैन
नरेंद्र मोदी और विवादों का चोली-दामन का साथ है। वे भारतीय लोकतंत्र में जनता द्वारा चुने गए एक मात्र नेता है, जिन पर अमेरिका ने पाबंदी लगा रखी है।

गुजरात दंगों के बाद अमेरिका ने उन पर बैन लगा रखा है। अमेरिका मानता है कि गुजरात दंगों के वक्त मोदी ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए।

नरेंद्र मोदी के समर्थकों ने कई बार कोशिश की है, लेकिन अमेरिका ने उन्हें वीजा नहीं दिया।

हाल ही में मोदी को भाजपा ने प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार चुना तो भी अमेरिका ने अपने रुख में बदलाव नहीं किया। अमेरिकी प्रशासन ने कहा कि मोदी को लेकर वो अपनी वीजा नीतियों में कोई बदलाव नहीं करेंगे।


विवादों से मोदी का रहा गहरा नाता
मोदी के बारे में मशहूर है कि वे जहां होते हैं, वहां खुद ही होते हैं, वे अपने विकल्प तैयार नहीं करते। गुजरात की राजनीति में मोदी ही नंबर एक है, मोदी ही नंबर दो और मोदी ही नंबर तीन हैं।

मोदी के बाद गुजरात में कौन, ये राजनीतिक विश्लेषकों के बीच पूछा जाने वाला सबसे आम सवाल है। लेकिन इसका कोई पुख्ता जवाब नहीं, केवल कयास हैं।

मोदी चार बार गुजरात के सीएम चुने गए, वे तीन बार भाजपा को विधानसभा चुनाव में जीत दिला चुके हैं। लेकिन गुजरात दंगों के छीटें आज भी उन पर है।

मोदी सरकार पर फर्जी मुठभेड के भी आरोप हैं। गुजरात के कई आईपीएस अधिकारी इन आरोपों में जेल में बंद है। मोदी ने गुजरात दंगों के लिए आज तक अफसोस नहीं जताया है जबकि इसकी मांग कई बार उठी है।

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