लाई डिटेक्टर के सामने आते ही आतंकी नावेद ने उगले ये राज
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उधमपुर में हुए आतंकी हमले के लिए चार पाकिस्तानी फिदाइन की टीम बनाई गई थी। वारदात को अंजाम देने के लिए नावेद और नोमान के साथ जरगाम उर्फ मोहम्मद भाई और अबू ओकाशा भी थे।
हालांकि लश्कर-ए-तोयबा के कश्मीरी हैंडलर्स ने अंतिम वक्त में दोनों को अलग कर दिया। मामले की जांच कर रही नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने जरगाम और ओकाशा पर दस लाख रुपये इनाम का ऐलान किया है।
दोनों के स्केच जारी किए गए हैं। उधमपुर में पांच अगस्त को बीएसएफ की बस पर हमले के दौरान जिंदा पकड़े गए नावेद का दिल्ली में लाई डिटेक्शन टेस्ट किया गया।
लश्कर के गढ़ के बारे में कई नए सुराग मिले
सीबीआई के फोरेंसिक साइंस सेंटर में करीब साढे़ तीन घंटे तक किए गए इस टेस्ट में एनआईए को कश्मीर में नावेद के साथियों और लश्कर के गढ़ के बारे में कई नए सुराग मिले हैं।
जांच एजेंसी नावेद को बुधवार को वापस जम्मू ले जाएगी। पूछताछ के आधार पर फोरेंसिक सबूत इकट्ठा करने के मकसद से नावेद को उन ठिकानों पर ले जाया जाएगा, जहां वह हमले से पहले रुका था।
एजेंसी का मानना है कि करीब 40 साल का मोहम्मद भाई और 18 वर्षीय अबू ओकाशा जम्मू-कश्मीर में ही छुपे हैं। नावेद की याददाश्त के आधार पर इन दोनों का स्केच बनाया गया है।