ISIS में शामिल चार और भारतीयों की मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इराक के मुसूल में आईएसआईएस में शामिल हुए चार और भारतीय युवकों की मौत की खबर है। सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि यह चारों भारतीय उन 20 आतंकियों में शामिल है जिन्हें आईएसआईएस के नेतृत्व के आदेश पर दो दिन पहले सिर कलम कर दिया गया था। आईएसआईएस के इन गुर्गों पर मुसूल में ईराकी सेना के साथ लड़ते हुए मैदान छोड़ कर भागने का आरोप था।
उच्चपदस्थ सरकारी सूत्रो के मुताबिक आईएसआईएस में शामिल हो चुके लड़कों पर काम कर रही एजेंसियों के मुताबिकसीरिया में करीब 22 भारतीय युवक बुरी तरह चंगुल में फंसे हुए हैं। अधिकारी ने इसे वन वे रोड करार देते हुए कहा कि चार लड़कों के मुसूल में बर्बर तरीके से मारे जाने की आशंका है।
गौरतलब है कि सीरिया में छह भारतीय युवकों की मौत पहले ही हो चुकी है। सूत्रों ने बताया कि आईएसआईएस का कथित कानून लड़ाई से भागने वाले लड़कों को स्वयंभू खलीफा बगदादी का दुश्मन मानता है।
मुसूल से भागने के आरोप में अपने ही बीस आदमियों का सिर काटकर वह अपनी फौज को कड़ा संदेश देना चाह रहा है। हालांकि आईएसआईएस पहले भी ऐसी बेरहम करतूत कर चुका है।
सूत्रों के मुताबिक वैसे भी आईएसआईएस भारतीय मूल के लड़कों को कमजोर नस्ल का करार दे कर लड़ाई की पहली पंक्ति में रखते हैं।
भारत में खलीफा को स्थापित करने की तैयारी के संकेत
नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईएस) के हाथों गिरफ्तार हुए आईएसआईएस समर्थक मुतब्बीर मुश्ताख शेख ने पूछताछ में दुस्साहस भरा बयान दिया है।
मुश्ताख ने धमकी भरे लहजे में कहा है कि भारत में खलीफा को स्थापित करने की गंभीर तैयारी चल रही है। स्वयंभू खलीफा और आईएसआईएस प्रमुख अल बगदादी इसके लिए हर तरह की मदद को तैयार है।
हालांकि एजेंसियां शेख के इस बयान को बहुत गंभीर खतरा नहीं मान रहे लेकिन इसे आगे की परेशानियों का संकेत जरुर माना जा रहा है।
एनआईए को इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि देश में आईएसआईएस के नाम पर आतंक के नए नस्ल को तैयार कर रहे आतंकी सफी अरमार तुर्की में हो सकता है। पिछले दिनों गिरफ्तार करीब बीस लड़के अरमार से ही ऑन लाईन जुड़े थे।