फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   four died in road accident in hathras.

भीषण सड़क हादसा, 3 महिलाओं सहित 4 मरे

Wed, 04 Feb 2015 09:17 AM IST
Updated Wed, 04 Feb 2015 09:17 AM IST
विज्ञापन
four died in road accident in hathras.

हाथरस में मंगलवार रात मथुरा रोड पर मुरसान थानांतर्गत करबन नदी के पुलिया पर एक ट्रक ने टेंपो में जबर्दस्त टक्कर मार दी। उसके बाद टेंपो पुलिया की बाउंड्री से जा टकराया। इस भीषण दुर्घटना में तीन महिलाओं सहित चार लोगों की मौत हो गई और दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल हो गए। आधा दर्जन को गंभीर हालत में अलीगढ़ भेजा गया है। घटना से आक्रोशित लोगों ने वाहनों में तोड़-फोड़ कर जाम लगा दिया। मौके पर जमकर पथराव भी हुआ।

विज्ञापन


बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने इन लोगों  को खदेड़ दिया। अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। देर रात तक कुछ घायल जिला अस्पताल में भर्ती थे। मथुरा के लक्ष्मीनगर निवासी यशोदादेवी पत्नी ब्रजमोहन का मायका हाथरस कोतवाली क्षेत्र के गांव बेरिया नगला में था। यशोदा देवी के लड़की की 14 फरवरी को शादी तय थी। वह अपने परिजनों व नाते-रिश्तेदारों  के साथ मायके में भात का न्योता देने के लिए आई थी। मंगलवार की रात्रि 8 बजे के लगभग जब टेंपो में सवार होकर ये लोग वापस लौट रहे थे तो मथुरा रोड पर मुरसान क्षेत्रांतर्गत करबन नदी के पुलिया पर मथुरा से ओर से आ रहे एक ट्रक ने टेंपो में भीषण टक्कर मार दी जिससे टेंपो अनियंत्रित होकर पुलिया की बाउंड्री से टकरा कर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
विज्ञापन


मौके पर चीख-पुकार मच गई। कुछ राहगीरों व अन्य वाहन चालकों ने लोगों को टेंपो से बाहर निकाला। तब तक टेंपो चालक दम तोड़ चुका था। अन्य घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया। वहां अस्पताल में यशोदा देवी पत्नी ब्रजमोहन, गुड़िया पत्नी हरिओम, राजवती पत्नी श्यामलाल निवासी लक्ष्मीनगर मथुरा  को भी मृत घोषित  कर दिया गया। अन्य घायलों में अंजू पत्नी भजनलाल, सावित्री पत्नी वीरपाल, मिथलेश पत्नी मक्खनलाल, गुंजा पत्नी वीरी सिंह, अंशू पुत्र प्रेम सिंह आदि शामिल हैं। कुछ घायलों को उपचार  के लिए अलीगढ़ भेज दिया गया। इधर, घटना की सूचना मिलते ही नगला बेरिया के काफी लोग घटनास्थल पर पहुंच गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन लोगों ने जाते ही मौके पर जाम लगाकर वहां से निकल रहे वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। वहां इन लोगों ने पथराव भी किया। आक्रोशित लोगों का कहना था कि मौके पर काफी देर बाद तक न एंबुलेंस पहुंची और न पुलिस। काफी देर बाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पहुंचे। पुलिस ने जाते ही लोगों को लाठियां फटकार कर खदेड़ दिया। एक बार फिर वहां लोग एकत्रित हो गए लेकिन अपर पुलिस अधीक्षक अजय प्रताप, एसडीएम ब्रजमोहन दुबे आदि ने लोगों को समझाया-बुझाया। उसके बाद जाम खुल सका।

पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग बने लापरवाह

four died in road accident in hathras.

पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग यदि लापरवाही न दिखाता तो हो सकता था कि मरने वालों की संख्या घट जाती। टेंपो की जब ट्रक से भिड़ंत हुई तो उसके बाद काफी देर तक घायल टेंपो में फंसे हुए तड़प-तड़प कर मदद को चीखते चिल्लाते रहे लेकिन वहां न समय रहते पुलिस पहुंची और न स्वास्थ्य सेवाएं। यही कारण रहा कि मौके पर तो एक टेंपो चालक ने दम तोड़ा, जबकि शेष तीन महिलाओं की देरी के चलते रास्ते में मौत हुई।

जिला अस्पताल में भी जब एक साथ दर्जन भर घायल आए तो वहां की व्यवस्थाओं ने भी दम तोड़ दिया। जाम लगाकर हंगामा कर  रहे लोगों में सबसे ज्यादा आक्रोश पुलिस प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को लेकर ही था। लोगों का यही आक्रोश मौके पर फूटा और उन्होंने पथराव व तोड़-फोड़ की। मंगलवार की रात्रि आठ बजे जब यह भीषण दुर्घटना हुई तो वहां घायलों की काफी देर  तक न पुलिस ने सुध ली न और स्वास्थ्य विभाग ने। ट्रक ने टेंपो को जब टक्कर मारी तो टेंपो बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और टेंपो चालक का तो सिर तक कुचल गया।

बताते हैं कि इसकी सूचना वहां पुलिस को कुछ लोगों ने दी लेकिन घटनास्थल से महज दो किमी दूरी होने के बाद भी थाना पुलिस काफी देर तक मौके पर नहीं पहुंची। इस पर राहगीरों ने ही टेंपो का एक हिस्सा काटकर उसमें फंसे जख्मी लोगों को बाहर निकाला।  एक घायल की तब तक  मौत हो चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि मौके पर समय रहते 108 एंबुलेंस भी नहीं आई। इसके चलते राहगीरों ने ही कुछ घायलों को उपचार के लिए अन्य वाहनों से भिजवाया। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी और तीन घायल महिलाओं ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। इन्हें वहां मृत घोषित कर दिया गया। मौके पर बाद में जरूर 108 एंबुलेंस वहां पहुंची।

इधर, जब अस्पताल में दर्जन भर गंभीर घायल पहुंच गए तो वहां का पूरा का पूरा सिस्टम दम तोड़ गया। कुछ घायलों अस्पताल के स्टाफ के हाथ पैर फूल गए। तड़फते हुए घायल जहां उपचार मांगने लगे तो अस्पताल में संसाधनों और चिकित्सकों का टोटा भी दिखाई दिया। इसके बाद वहां डीएम और एसपी पहुंचे। सीएमओ डा.रामवीर सिंह भी आ गए। फिर वहीं हुआ, जो हर गंभीर घटना के बाद होता है। गंभीर घायलों  को यहां से रैफर कर दिया गया।

बेटी के हाथ पीले करने से पहले ही हो गई मां की दुनिया से विदाई

four died in road accident in hathras.

बेटी के हाथ पीले करने से पहले ही यशोदा देवी इस दुनिया से विदा हो गई। मथुरा रोड पर हुए भीषण हादसे में मृत यशोदा देवी ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि वह अपनी जिस बेटी की शादी का भात नोतने के लिए अपने मायके जा रही है। वह उसकी शादी भी नहीं देख पाएगी। इधर, एक मृतका गुड़िया देवी अपने साथ एक ऐसी जान को भी ले गई जो कि अभी उसकी कोख में पल रही थी। रिश्तेदारों के मुताबिक गुड़िया देवी गर्भवती थी।

नगला बेरिया में कुछ समय पहले तक जिस घर में भात नोतने की खुशी थी वहां कुछ समय बाद मातम छा गया। यही स्थिति जिला अस्पताल में रही। वहां घंटों कोहराम मचा रहा। कुछ समय पहले तक जो महिलाएं गाते बजाते हुए वापस मथुरा जा रही थीं वह जिला अस्पताल में या तो घायल अवस्था में तड़प रही थी या फिर अपनी की मौत पर बिलख रही थी। कुछ लोग बेहद बदहवास हालत में थे और उनके परिजन उन्हें जैसे तैसे काबू में किए हुए थे। इधर, देर रात तक दुर्घटना में मृत चालक की शिनाख्त नहीं हो सकी थी।

सड़कों पर संकरे पुल बने एक्सीडेंट पाइंट
जिले के राजमार्गो पर संकरे पुल एक्सीडेट पॉइट बन गए हैं। लेकिन इन पुलों के निर्माण के लिए जिला प्रशासन के पास कोई योजना नहीं हैं। हालात यह है कि इन संकरे पुलों से जिले में लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। शहर के मथुरा रोड पर करबन नदी का पुल लंबे समय से सड़क दुर्घटनाओं का कारण बना हुआ है। लेकिन इस पुल के निर्माण के लिए स्थानीय लोगों की मांग के बावजूद भी कोई कदम नहीं उठाया गया है। इसकी बजह ही मंगलवार की देर शाम बड़ी सड़क दुर्घटना हुई। इसके साथ ही सिकंदराराऊ रोड पर सोखना का गंदा नाला पुल भी काफी संकरा है।

इन दोनों पुलों पर सड़क दुर्घटना इसलिए और अधिक बढ़ गई है कि मथुरा बरेली राजमार्ग मौजूदा समय में काफी अच्छी स्थिति में हैं। इससे वाहन काफी तेज स्पीड से गुजरते हैं। इससे दोनों तरफ से वाहन इन पुलों पर आने के बाद अक्सर सड़क दुर्घटनाएं हो रही है। इसी प्रकार अलीगढ़ रोड पर नहर का पुल भी काफी दयनीय स्थिति में है। यहां भी सड़क दुर्घटनाए होती हैं। वही जलेसर रोड पर काशीराम कॉलोनी के आगे गंदेनाले का पुल भी संकरा होने के कारण सड़क दुर्घटनाओं का कारण बना रहता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed