गंगा में डूबने से 4 बच्चों की मौत, सभी एक ही परिवार के
दुर्वासा ऋषि आश्रम के पास पांचाल घाट पर पूजन सामग्री विसर्जित करने आए पांच बच्चे गंगा नहाते समय डूब गए। चार बच्चों की मौत हो गई। जबकि एक बच्चे को बचा लिया गया। डूबने वाले सभी बच्चे एक ही परिवार के हैं।
जिला शाहजहांपुर के गांव कुंआ ढाड़ा के ग्राम प्रधान ब्रजेश वर्मा ने गांव के लोगों के साथ मिलकर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन कराया था। बुधवार को कथा का समापन हुआ।
इसी दिन गांव से पांच ट्रैक्टरों के जरिए महिला व पुरुष पूजन सामग्री विसर्जन के लिए पांचाल घाट पहुंचे। इनके साथ बच्चे भी थे। सूरज ढलने के कारण तय हुआ कि अब विसर्जन गुरुवार की सुबह किया जाएगा। गुरुवार सुबह करीब 6 बजे सभी पंचाल घाट गंगा स्नान करने पहुंचे।
पांच बच्चों को डूबते देख मची चीख पुकार
इस दौरान हरिशचंद्र के बेटे रंजीत (8), आदेश (6) बेटी अनुष्का (11) तथा उनके भाई कृपाराम की पुत्री फूलमती (5) और गांव के ही माखन उर्फ बाबा (10) पुत्र शिवकुमार डूबने लगा। पांचों बच्चों को डूबते देख चीख पुकार मच गई। गोताखोर दौड़ पड़े।
इस बीच माखन उर्फ बाबा को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। बाकी चार बच्चों को गोताखोर तलाशने लगे। खासी मशक्कत के बाद अनुष्का, रंजीत, फूलमती के शव मिले। जबकि रात करीब सात बजे आदेश का भी शव बाहर निकाला गया।
बच्चों के गंगा में डूबने की जानकारी पर एएसपी रामभवन चौरसिया, सीओ सिटी वाईपी सिंह, शहर कोतवाल आरपी यादव फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।