फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Former Under Secretary Revealed on Isharat Case, Targets UPA Government.

'हलफनामा बदलवाने के लिए मुझे सिगरेट से दागा गया'

Wed, 02 Mar 2016 04:30 PM IST
Updated Wed, 02 Mar 2016 04:30 PM IST
विज्ञापन
Former Under Secretary Revealed on Isharat Case, Targets UPA Government.

इशरत जहां एनकाउंटर मामले में जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मामले में पूर्व गृह सचिव जीके पिल्लई के बाद अब आंतरिक सुरक्षा विभाग में अंडर सेक्रेटरी रहे आरवीएस मणि के खुलासे ने यूपीए सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विज्ञापन


इशरत मामले में एफिडेविट पर दस्तखत करने के लिए डाले गए दबाव को लेकर मणि ने यहां तक कह दिया कि बात न मानने पर एसआईटी के एक अधिकारी ने उनकी पैंट सिगरेट से दाग दी थी और इस दौरान उनका परिवार खौफ में रहा।
विज्ञापन


टाइम्स नाऊ को दिए साक्षात्कार में पूर्व अंडर सेक्रेटरी से सवाल किया गया कि इशरत एनकाउंटर में आपके हस्ताक्षर से दो एफिडेविट दाखिल किए गए थे।

'बात न मानने पर उसे सिगरेट से दागा गया'

Former Under Secretary Revealed on Isharat Case, Targets UPA Government.

6 अगस्त, 2009 को दिए एफिडेविट में कहा गया कि इशरत समेत मारे गए चारों लोगों के आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से संबंध थे जबकि 30 सितंबर, 2009 को दाखिल दूसरे एनकाउंटर में उनके आतंकी संबंध से इनकार किया गया।

आखिर इनमें से कौन सा सही माना जाए। इस पर मणि ने कहा कि हां यह सही है कि दोनों एफिडेविट उन्होंने दाखिल किए थे। लेकिन पहला एफिडेविट आईबी और रॉ के खुफिया इनपुट पर आधारित था जबकि दूसरा इनपुट उच्च स्तर पर डाले गए दबाव पर दाखिल किया गया।

मणि ने कहा कि नियमानुकूल उन्हें ऊपर से जो आदेश दिए गए उसका उन्होंने पालन किया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एफिडेविट पर तत्कालीन गृह मंत्री का अप्रूवल भी था।

यह पूछे जाने पर कि आखिर उच्च स्तर से किसका दबाव था इस पर उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय में गृह सचिव सबसे बड़ा अधिकार होता है यदि उन्होंने इसे तैयार नहीं किया तो समझा जा सकता है कि इसे किसने तैयार कराया होगा।

चिदंबरम ने मुझे नजरअंदाज कर दोबारा एफिडेविट लिखवाया: पिल्लई

Former Under Secretary Revealed on Isharat Case, Targets UPA Government.

इशरत विवाद में यूपीए सरकार को कठघरे में खड़ा करने वाले पूर्व गृह सचिव जीके पिल्लई ने कहा है तत्कालीन गृह मंत्री पी चिंदबरम ने आईबी में मेर कनिष्ठ अधिकारियों को फोन करके एफिडेविट को बदलवा था।

चिदंबरम ने खुद बोलकर ड्राफ्ट लिखवाया इसलिए कोई अधिकारी कुछ बोल नहीं सका।

एनडीटीवी से बात करते हुए पिल्लई ने कहा कि अब पूर्व गृह मंत्री को गृह सचिव और आईबी को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed