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पूर्व सपा विधायक को देना होगा राहुल गांधी को मुआवजा
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Thu, 29 Aug 2013 12:05 AM IST
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पूर्व सपा विधायक किशोर समरीते को कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को पांच लाख रुपए का मुआवजा देना होगा। इस मसले पर समरीते की ओर से दायर पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
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सर्वोच्च अदालत ने राहुल पर राजनीतिक विद्वेष और बेबुनियादी आरोप लगाने के मामले में दायर समरीते की याचिका पर जुर्माना लगाते हुए 18 अक्टूबर, 2012 को फैसला दिया था।
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मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक की याचिका पर सर्वोच्च अदालत ने अपने पिछले फैसले पर दोबारा से विचार करने से इंकार कर दिया।
जस्टिस बीएस चौहान की अध्यक्षता वाली पीठ ने ‘चेंबर सुनवाई’ के दौरान समरीते की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है। गत वर्ष अदालत ने समरीते की याचिका खारिज करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा था।
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हालांकि सर्वोच्च अदालत ने हाईकोर्ट की ओर से लगाए गए जुर्माने की राशि घटा दी थी और पांच लाख रुपए राहुल गांधी को देने का आदेश दिया था।
पीठ ने कहा कि हमें गत वर्ष अक्टूबर में जारी किए गए आदेश में कोई कमी नहीं प्रतीत होती। ऐसे में पुनर्विचार याचिका पर विचार करने का कोई आधार नहीं है।
सर्वोच्च अदालत ने फैसले में कहा था कि समरीते के निराधार आरोपों के कारण राहुल गांधी की छवि धूमिल हुई, लिहाजा उन्हें पांच लाख रुपए का हर्जाना दिया जाए। यह राशि समरीते को देनी होगी।
अदालत ने कहा कि इस याचिका में लगाए गए आरोपों में सच्चाई का दूर तक वास्ता नहीं था। समरीते ने गलत बयान के आधार पर कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग किया।
समरीते की याचिका खारिज करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सारे मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था और उन पर 50 लाख रुपए का जुर्माना ठोंका था।
उन्होंने राहुल गांधी पर एक लड़की और उसके परिजनों को कैद में रखने का आरोप लगाने वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की थी जिसे बाद में झूठा करार दिया गया था।