फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   former mla udaybhan in jail

यूपी: पूर्व विधायक उदयभान भेजे गए जेल

Thu, 02 Jan 2014 09:18 AM IST
अमर उजाला, इलाहाबाद
अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Thu, 02 Jan 2014 09:18 AM IST
विज्ञापन
former mla udaybhan in jail

उत्तर प्रदेश में लंबी फरारी के बाद जवाहर पंडित हत्याकांड में वांछित पूर्व भाजपा विधायक उदयभान करवरिया ने साल के पहले दिन इलाहाबाद में अदालत में सरेंडर कर दिया।

विज्ञापन


निचली अदालत ने उनकी जमानत अर्जी नामंजूर कर दी। इसके बाद उदयभान को जेल भेज दिया गया। उनकी नियमित जमानत अर्जी पर सेशन कोर्ट में छह जनवरी को सुनवाई होगी।
विज्ञापन


उदयभान के खिलाफ स्पेशल सीजेएम कोर्ट ने गैरजमानती वारंट और धारा 82 सीआरपीसी का नोटिस जारी किया था। हाईकोर्ट ने उनको दस दिन के भीतर निचली अदालत में सरेंडर करने का निर्देश दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें, दाऊद का आदमी बन लगाई करोड़ो की चपत

हाईकोर्ट के निर्देश को देखते हुए उदयभान बुधवार सुबह करीब 11 बजे ही जिला कचहरी पहुंच गए। वह सीधे स्पेशल सीजेएम एनएन दुबे की अदालत में पहुंचे और वहां सरेंडर किया। इसके बाद उन्होंने जमानत अर्जी दी।

उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद स्पेशल सीजेएम ने उसे खारिज कर दिया। इसके फौरन बाद जमानत के लिए सेशन कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया गया। जिला जज एसपी श्रीवास्तव ने जमानत प्रार्थनापत्र पर सुनवाई की।


उदयभान के वकीलों ने अंतरिम जमानत की मांग की पर जिला जज ने इसे नामंजूर करते हुए प्रार्थनापत्र पर सुनवाई के लिए छह जनवरी की तिथि नियत की है।

पढ़ें, नौकरी का झांसा देकर किशोरी से रेप, कार से फेंका


उल्लेखनीय है कि अगस्त 1996 में हुए पूर्व विधायक जवाहर पंडित हत्याकांड में करवरिया परिवार के कई सदस्य नामजद किए गए हैं। इस मामले की दो बार सीबीसीआईडी जांच हो चुकी है।

उदयभान के अतिरिक्त परिवार के अन्य नामजद सदस्यों के खिलाफ मुकदमे पर हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी है। उक्त आदेश में उदयभान का नाम शामिल नहीं होने के कारण स्पेशल सीजेएम कोर्ट ने आरोप तय करने के लिए सिर्फ उन्हीं को तलब किया था।

हाजिर नहीं होने पर कोर्ट ने उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर दिया था। उदयभान ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी मगर उनको खास राहत नहीं मिली।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed