पूर्व केंद्रीय मंत्री बोले मेरे खिलाफ काम कर रहा छिपा एजेंडा
पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा ने कहा है कि उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआई की ओर से दर्ज ताजा मामले के पीछे छिपा हुआ एजेंडा हो सकता है।
2जी स्पेक्ट्रम आवंटन के घोटाले के आरोप में ए राजा के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के पांच साल के बाद सीबीआई ने 19 अगस्त को उनके खिलाफ 1999 और 2010 के बीच 27.92 करोड़ रुपये की संपत्ति इकट्ठा करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया।
सीबीआई का कहना है कि इस दौरान ए. राजा की इस दौरान की आय उनकी संपत्ति से मेल नहीं खाती।
नहीं साबित हुआ मामला
राजा ने कहा कि सीबीआई जांच अधिकारी विजय प्रियदिर्शनी इस संबंध में13
नवंबर, 2013 को अदालत में बयान दे चुकी हैं। उन्होंने यह स्वीकार किया था
कि राजा और उनके परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों की आय के जांच के बाद आय
से ज्यादा संपत्ति का मामला साबित नहीं हुआ है।
उन्होंने यह आरोप लगाया कि
सीबीआई की चेन्नई शाखा अब जाकर यह कह रही है कि स्वर्गीय सादिक बाशा की
ग्रीन हाउस प्रमोटर्स लिमिटेड उनकी है। बाशा पर राजा का सहयोगी होने का
आरोप था। वर्ष 2011 में उसने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।