पूर्व भाजपा नेता ने केंद्र के इस फैसले पर उठाए सवाल
पूर्व भाजपा नेता और प्रसिद्ध वकील राम जेठमलानी ने हुर्रियत नेताओं को पाकिस्तानी उच्चायोग के प्रस्तावित भोज में शामिल होने से रोके जाने के मोदी सरकार के कदम की आलोचना की है।
हालांकि भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की वार्ता नहीं होने के चलते यह भोज भी रद्द हो गया। कश्मीर मुद्दे पर वार्ताकार भी रह चुके जेठमलानी ने हुर्रियत नेताओं को अलगाववादी बताए जाने की निंदा की।
उन्होंने कहा कि यह सरकार, कैबिनेट और पार्टियों में मौजूद अनपढ़ लोगों की अज्ञानता और गलतफहमी को दिखाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने जीवन की सबसे बड़ी निराशा बताया।
देश की भारी बदनामी
उन्होंने कहा कि उन्हें बोलना चाहिए। उन्होंने पाकिस्तानी राजदूत की
मेजबानी में प्रस्तावित भोज के दौरान पाक के एनएसए सरताज अजीज के साथ
हुर्रियत नेताओं की मुलाकात को रोके की सरकार की व्याकुलता की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान उच्चायुक्त एक संप्रभु सरकार का प्रतिनिधित्व
करते हैं और ऐसे में आप उन्हें लोगों से मिलने से कैसे रोक सकते हैं।
उन्होंने दावा किया कि ऐसे कार्यों से देश की भारी बदनामी होगी।
जेठमलानी
ने कहा कि हमारे सभी नेताओं ज्यादातर कांग्रेसी नेताओं को अंतरराष्ट्रीय
कानून के बारे में पता नहीं है। मोदी साहब इन दिनों कुछ भी नहीं बोल रहे
हैं। वह मेरी जिंदगी में सबसे बड़ी निराशा हैं। उस व्यक्ति को बोलना चाहिए।
यदि आपको यह नहीं पता कि कैसे बोलना है तो कम से कम किसी से विचार-विमर्श
कीजिए। निसंदेह, कुछ लोग आपसे बेहतर हैं। आप प्रधानमंत्री हैं, इस वजह से
आप सबसे बुद्धिमान व्यक्ति नहीं हो सकते हैं लेकिन वह कुछ सीखना ही नहीं
चाहते हैं।