{"_id":"36e72bbc-3996-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"former-ias-officer-came-in-support-of-cag","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएजी के समर्थन में पूर्व आईएएएस अफसर उतरे","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
सीएजी के समर्थन में पूर्व आईएएएस अफसर उतरे
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Thu, 29 Nov 2012 01:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीएजी विनोद राय के समर्थन में उतरे पूर्व सरकारी वरिष्ठ लेखा अधिकारियों ने सरकार और कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाया कि ये लोग सीएजी संस्था के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। टूजी आवंटन पर सीएजी रिपोर्ट का समर्थन करते हुए इन अधिकारियों ने कहा कि इस अभियान का मकसद इस संस्था को हमेशा के लिए अपंग बनाना है।
विज्ञापन
इंडियन आडिट एंड एकाउंट सर्विस (आईएएएस) के रिटायर्ड वरिष्ठ अधिकारी एस श्रीकृष्ण, एस सी आनंद, रामास्वामी आर अय्यर, जे एन गुप्ता, बी पी माथुर और आर परमेश्वर ने एक संयुक्त बयान में कहा कि यह संवैधानिक ढ़ाचे के एक महत्वपूर्ण स्तंभ को जानबूझ कर कमजोर करने की कोशिश है। इस बयान के पीछे सीएजी के पूर्व महानिदेशक आर पी सिंह का वह बयान है जिसमें उन्होंने टूजी आवंटन में 1.76 लाख करोड़ का घाटा बताने वाली रिपोर्ट से खुद को अलग किया था।
विज्ञापन
रिटायर्ड अधिकारियों ने कहा कि यह सच है कि टू जी संबंधी रिपोर्ट आर पी सिंह की नहीं हैं क्योंकि सभी आडिट रिपोर्ट्स सीएजी की मानी जाती हैं। सीएजी के अधीन यह बड़ा संगठन है जिसकी संवैधानिक जिम्मेदारी के निर्वाह के लिए आर पी सिंह समेत काफी लोग काम करते रहे हैं। आर पी सिंह का अलग कोई अस्तित्व नहीं है।
विज्ञापन
इस रिपोर्ट पर सीएजी विनोद राय से खुली बहस संबंधी सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी के सुझाव पर इन रिटायर्ड अधिकारियों ने कहा कि रिपोर्ट तैयार कर राष्ट्रपति को सौंपने के बाद इस बहस का कोई सवाल ही नहीं उठता। सच तो यह है कि यदि एक बार रिपोर्ट सदन में रख दी जाती है तो यह संसद की संपत्ति बन जाती है और इस पर किसी और फोरम में बहस नहीं की जा सकती।