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'इशरत के मामले में किया गया राजनीतिक हस्तक्षेप'

Thu, 25 Feb 2016 11:21 PM IST
Updated Thu, 25 Feb 2016 11:21 PM IST
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Former Home Secy GK Pillai claims political interruption in ishrat jahan case

इशरत जहां मुठभेड़ मामले के संबंध में पूर्व गृह सचिव जीके पिल्लई ने खुलासा किया है कि इशरत के मामले में सीबीआई पर राजनीतिक दबाव बनाया गया था और कुछ लोग यह नहीं चाहते थे कि उसकी सच्चाई सामने आए।

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अंग्रेजी समाचार चैनल टाइम्स नाउ को दिए एक साक्षात्कार में पिल्लई ने इशरत की मुठभेड़ से संबंधित सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि यह इंटेलिजेंस एजेंसियों की कामयाबी थी कि उन्होंने लश्कर की ओर से भेजे गए शूटरों के बारे में जानकारी हासिल की और फिर उनका पता लगाने में भी सफल रहीं।
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वहीं पिल्लई के इस दावे के बाद पूर्व गृह सचिव और भाजपा नेता आर के सिंह ने कहा कि 'वो सही हैं। हेडली ने भी यही कहा है।' उन्होंने कहा कि लोग विवाद पैदा करना चाहते हैं, उनका मुंह बंद हो गया।
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हेडली ने भी कहा था इशरत थी आतंकी

Former Home Secy GK Pillai claims political interruption in ishrat jahan case

बता दें कि इससे पहले आईबी के पूर्व स्पेशल डायरेक्टर राजेंद्र कुमार ने कहा था कि कुछ अफसरों ने लालच के चलते इशरत की सच्चाई छिपाई थी।

गौरतलब है कि बीते दिनों बॉम्बे हाईकोर्ट में पेशी के दौरान आतंकी डेविड हेडली ने कहा था कि इशरत जहां, जिसका 2004 में गुजरात पुलिस ने एनकाउंटर किया था वह पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी हुई थी। वह एक सुसाइड बॉम्बर थी।

इशरत जहां का एनकाउंटर 15 जून, 2004 में किया गया। महाराष्ट्र के मुंब्रा की रहने वाली 19 वर्षीय इशरत के साथ 3 और युवकों का एनकाउंटर गुजरात पुलिस ने किया था। इन युवकों की पहचान महाराष्ट्र के ही प्रनेश पिल्लई उर्फ जावेद गुलाम शेख, अमजद अली राणा और जीशान जौहर के रूप में हुई थी।

वहीं पिल्लई के इस खुलासे के बाद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस में प्रतिक्रयाओं का दौर शुरू हो गया है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा है कि इस खुलासे के बाद सोनिया गांधी और राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए।

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