फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   former foreign secretary sujatha singh attack on modi government.

पद से हटाईं गईं सुजाता ने सुनाई पर्दे के पीछे की कहानी

Sat, 31 Jan 2015 03:02 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 31 Jan 2015 03:02 PM IST
विज्ञापन
former foreign secretary sujatha singh attack on modi government.

कार्यकाल पूरे होने के करीब सात महीने पहले ही विदेश सचिव के पद से हटाए जाने पर पूर्व विदेश सचिव सुजाता सिंह ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। शुक्रवार को एक साक्षात्कार में सुजाता सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें पद से हटाए जाने को लेकर उनके खिलाफ मीडिया में खबरें चलवाईं गईं हैं।

विज्ञापन


बता दें कि तीन दिन पहले ही 27 जनवरी को सुजाता सिंह के स्थान पर एस जयशंकर को विदेश सचिव के पद पर तैनात किया गया है।

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, सुजाता सिंह ने कहा है कि उसकी छवि को खराब करने के लिए उनके खिलाफ खबरें चलवाई गईं जिससे उनके सम्मान को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि जब वह 39 साल अपनी सेवाएं दे चुकी हैं तब उनकी छवि खराब की जा रही है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि विदेश सचिव के पद से इस्तीफा देने के दो दिन बाद तक उनके खिलाफ खबरें चल रही हैं जिससे वह काफी दुखी हुई हैं। उन्होंने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में यह भी बताया कि उन्हें किस तरह से एक फोन से ही इस्तीफा देना पड़ा।

विज्ञापन
विज्ञापन

सुषमा स्वराज ने फोन पर बताया

former foreign secretary sujatha singh attack on modi government.

सुजाता सिंह का कहना है कि बुधवार को करीब दो बजे विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का फोन आया जिसमें उन्होंने कहा कि वह कुछ अच्छी खबर देने के लिए फोन नहीं किया। सुषमा स्वराज ने सुजाता से कहा कि प्रधानमंत्री एस जयशंकर को विदेश सचिव के रूप में नियुक्त करना चाहते हैं।

विदेश मंत्री ने कहा कि रिटायरमेंट से पहले स्तीफा देने पर उन्हें सेवानिवृत्ति वाली पेंशन आदि की सुविधाएं नहीं मिलेंगी। फिर भी वह अपना त्यागपत्र तैयार रखें।

सुजाता सिंह ने बताया कि इसके बाद करीब शाम सात बजे सुषमा स्वराज का एक पत्र आया जिसमें उनके स्तीफा देने की प्रधानमंत्री इच्छा बताई गई थी। इस पत्र के कुछ देर बाद ही सरकार की वेबसाइट पर जानकारी आई कि उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्ति कर दिया गया है।

सुजाता सिंह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की ओर से अब जो भी उच्च प्राथिमिकता वाले काम मिले थे उन्हें वे सफलतापूर्वक पूरा किया। उनके कार्यकाल में प्रधानमंत्री मोदी की ओर से दिया गया ऐसा एक काम नहीं है जिसे उनकी आशा के अनुरूप पूरा न किया गया हो।

गौरतलब है कि सुजाता सिंह पिछले 28 सालों में विदेश सचिव के पद से हटाए जाने वाली पहली विदेश सचिव बन गई हैं। इससे पहले कांग्रेस की राजीव गांधी सरकार ने उस समय के विदेश सचिव एपी वेंकेटेश्वरन को पद से हटाया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed