रॉबर्ट वाड्रा के बचाव में उतरे राजस्थान के पूर्व सीएम
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीकानेर जिले में जमीन की खरीद-फरोख्त के मामले में फंसे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा का बचाव किया है।
उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार वाड्रा मामले को इसलिए उछाल रही है, क्योंकि वह सोनिया गांधी के दामाद हैं। गहलोत ने कहा कि अगर वाड्रा, वसुंधरा राजे के सांसद बेटे दुष्यंत सिंह तथा उनके पुत्र वैभव गहलोत की जांच हाईकोर्ट जज से कराई जाए तो पोल खुल जाएगी।
गहलोत ने बुधवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में कहा कि जिस जमीन की खरीद-फरोख्त की बात है उसके बारे में बार-बार कहा जाता है कि यह 2006 में महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के विस्थापितों को दी गई थी। उस समय भाजपा की सरकार थी। जिन अधिकारियों ने संबंधित जमीनों के फर्जी पट्टे बनाए थे उनका कोई नाम तक नहीं ले रहा है।
वाड्रा के जरिए भाजपा रहना चाहती है सुर्खियों में
वाड्रा का नाम लेकर भाजपा पूरे देश में अखबारों में छाए रहना चाहती है। गहलोत ने कहा कि सोनिया गांधी का नाम न आए तो राष्ट्रीय स्तर पर न्यूज नहीं बनती। उन्होंने कहा कि ऐसी हरकतें खुद मुख्यमंत्री कर रही हैं।
वाड्रा पर आरोप है कि पश्चिमी राजस्थान में सोलर हब घोषित होने से पहले वाड्रा ने कंपनियां बनाकर किसानों से औने-पौने दामों पर जमीनें खरीद ली थीं।
गहलोत सरकार में हब की घोषणा होने के बाद उन जमीनों को कई गुना ऊंचे दामों पर बेचा गया। किसानों को भनक नहीं लगने दी गई कि यहां कोई बड़ी परियोजना आने वाली है।
कुछ जमीनें फर्जी कागजात के जरिए भी खरीदी गई थीं। हाल ही में राजस्थान सरकार ने 360 हेक्टेयर जमीन कब्जे में लिया है, इसमें से करीब 400 बीघा जमीन वाड्रा की कंपनी की है।