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'सरकारी खजाने की कीमत पर रिलायंस को हुआ फायदा'

Sun, 14 Sep 2014 08:24 PM IST
Updated Sun, 14 Sep 2014 08:24 PM IST
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former cag chief raise question on reliance profit.

पूर्व नियंत्रक और महालेखा परीक्षक विनोद राय ने जिस दौरान यह पाया कि गैस खोज सौदे में सरकारी कीमत के खजाने पर रिलांयस इंडस्ट्रीज की तरफदारी की जा रही है, उस समय पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि ऑडिट रिपोर्टों को निजी सेक्टर का रोड़ा नहीं बनने देना चाहिए।

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नियंत्रक और महालेखा परीक्षक ने केजी बेसिन के तेल ब्लॉक रिलायंस को देने के मामले में हुई ऑडिट के बारे में कहा है कि जब भी इस मुद्दे पर कंपनी से समझौता हुआ, सरकार को नुकसान पहुंचा। दरअसल रिलायंस कैग को ऑडिट करने के लिए अपने खाते नहीं दिखाना चाहती थी।
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ऑडिट रिपोर्ट निजी कंपनियों के लिए हैं बाधा

former cag chief raise question on reliance profit.

इस पर काफी विवाद हुआ। राय ने कहा कि एक बैठक के दौरान पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने ऑडिट रिपोर्टों को निजी कंपनियों के लिए बाधा माना था। उनका मानना था कि इन रिपोर्टों को निजी सेक्टर की राह का रोड़ा नहीं बनने देना चाहिए।

मनमोहन विकास में निजी सेक्टर को सरकार का सहयोगी मानते रहे हैं। राय ने कहा, मनमोहन का इस बात पर बड़ा जोर होता था कि रिलायंस देश की सबसे बड़ी, सम्मानित और जानी-मानी कंपनी है। इसकी अंतरराष्ट्रीय पहुंच है।

रिलायंस के पास केजी-बेसिन जैसी बड़ी परियोजनाओं पर काम करने की पेशेवर और वित्तीय दक्षता है। रिलायंस जैसी कंपनी इसके जरिये वैश्विक प्रतिस्पर्द्धा का सामना कर सकती हैं।

गौरतलब है कि राय ने अपनी आने वाली किताब में कहा है कि कि मनमोहन को 2जी स्पेक्ट्रम और कोयला खदान आवंटन में हुए घोटाले का पता था।

आरोपों पर पूर्व प्रधानमंत्री ने तोड़ी चुप्पी

former cag chief raise question on reliance profit.

पूर्व प्रधानमंत्री सिंह ने पूर्व कैग विनोद राय की ओर से लगाए आरोपों का जवाब देने से इनकार कर दिया है। मनमोहन ने कहा कि उन्होंने अपनी ड्यूटी निभाई है।

मनमोहन पर लिखी उनकी बेटी दमन सिंह की किताब से जुड़े एक समारोह के बाद उनसे विनोद राय के आरोपों के बारे में पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री रहने के दौरान मैंने अपनी ड्यूटी निभाई। किसी ने क्या लिखा है, इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।"

गौरतलब है राय ने अपनी आने वाले किताब में 2जी स्पेक्ट्रम और कोयला खदान आवंटन के लिए मनमोहन को कटघरे में खड़ा किया है। राय ने लिखा है कि पूर्व प्रधानमंत्री को इन घोटालों के बारे में मालूम था।

मनमोहन की बेटी दमन ने भी इस सवाल का जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ भी पता नहीं है। इसलिए वह इस पर टिप्पणी नहीं कर सकतीं।

दमन ने अपनी किताब स्ट्रिक्टिली पर्सनल : मनमोहन एंड गुरशरण में प्रधानमंत्री के तौर पर मनमोहन के कार्यकाल के दौरान उनकी जिंदगी का ब्योरा दिया है।

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