फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   former bsp leader will join bjp.

बसपा से निकाले गए कद्दावर नेता होंगे भाजपा में शामिल

Sun, 01 Feb 2015 07:31 AM IST
संजय मिश्र/अमर उजाला, नई दिल्ली
संजय मिश्र/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 01 Feb 2015 07:31 AM IST
विज्ञापन
former bsp leader will join bjp.

उत्तर प्रदेश में मिशन 2017 की कामयाब के लिए जुटी भाजपा ने बसपा के कद्दावर नेता रहे दारा सिंह चौहान को पार्टी का हिस्सा बनाने का फैसला लिया है।

विज्ञापन


माना जा रहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी पिछड़े वर्ग (ओबीसी) में भाजपा की पैठ को और मजबूत करने के लिए चौहान के पार्टी में शामिल करने के फैसले को मंजूरी दे दी है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में सोमवार को चौहान अपने समर्थकों के साथ पार्टी में शामिल होंगे।
विज्ञापन


भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल, उत्तर प्रदेश के प्रभारी ओम माथुर और प्रदेश के संगठन महामंत्री सुनील बंसल के साथ चौहान की मुलाकात हो चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार, चौहान भाजपा और संघ के बीच समन्वय का जिम्मा संभाल रहे संघ के वरिष्ठ नेता कृष्ण गोपाल से भी मिले थे और उन्होंने भी चौहान को पार्टी में शामिल करने पर अपनी हामी भरी थी। कभी बसपा सुप्रीमो मायावती के करीबी रहे चौहान 15वीं लोकसभा में पार्टी संसदीय दल के नेता थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

बसपा से निकाले गए थे दारा सिंह

former bsp leader will join bjp.

अभी पिछले महीने ही मायावती ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। उसके बाद से ही चौहान भी नया राजनीतिक घर तलाश रहे थे। पूर्वांचल के मऊ से पिछली बार सांसद रहे चौहान अत्यंत पिछड़ी जाति चौहान-नोनिया समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। उत्तर प्रदेश के साथ बिहार में भी इनकी अच्छी खासी संख्या है। साथ ही दारा सिंह इस समुदाय के राष्ट्रीय संगठन चौहान महासभा के अध्यक्ष भी हैं। इस लिहाज से बसपा में रहते हुए भी बेदाग छवि वाले चौहान को शामिल करने में भाजपा को सियासी फायदा नजर आ रहा है।

लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के साथ पूरे देश में भाजपा ने जातीय-सामाजिक समीकरण को साधकर जबरदस्त कामयाबी हासिल की थी। कुछ उसी अंदाज में उत्तर प्रदेश और बिहार के अगले चुनाव में कामयाबी हासिल करना भाजपा का लक्ष्य है। बसपा से निकाले जाने के बाद चौहान को कांग्रेस में लाने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री बेनी वर्मा ने काफी कोशिश की मगर वे राजी नहीं हुए। सपा ने भी उनसे संपर्क साधा मगर भविष्य के लिहाज से चौहान ने भाजपा का दामन थामना ज्यादा मुनासिब समझा है।

बताया जाता है कि पार्टी में शामिल करने के साथ ही चौहान को भाजपा दिल्ली विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल के वोटरों को साधने के काम में लगाएगी। सूत्रों के अनुसार, ओबीसी वर्ग के एक अन्य पूर्व बसपा सांसद रमाशंकर राजभर समेत प्रदेश के कई और अन्य दलों के नेता भी जल्द ही भाजपा में शामिल होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed