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पूर्व आर्मी चीफ की दो टूक, सब्र की भी होती है इंतहा

Wed, 09 Jan 2013 12:28 AM IST
चंडीगढ़/ब्यूरो
चंडीगढ़/ब्यूरो Updated Wed, 09 Jan 2013 12:28 AM IST
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former army chief V P Malik told now india can not take patience

‘सब्र की भी इंतहा होती है। अब तो पाक सैनिक हद ही पार कर गए हैं। भारतीय सीमा में घुसकर दो फौजियों को निर्ममता से मौत के घाट उतारना दुखदायी है।’ यह कहना है कारगिल जंग के समय भारतीय सेना के प्रमुख रहे जनरल वीपी मलिक का।

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मंगलवार को मेंढर सेक्टर में पाकिस्तान की करतूत की खबर आते ही पूर्व आर्मी चीफ ने कहा कि पाकिस्तानी फौजियों की हलचल सीमा के पास पिछले कुछ समय से देखी जा रही थी। दोनों देशों की सेना प्रमुखों को इस बारे में विचार करना होगा। हमारी सरकारों में बात होती है, राजनयिकों के बीच वार्ता होती है और दूसरी ओर चलती हैं गोलियां।
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कारगिल जंग के समय पाकिस्तानी फौज की चाल को ध्वस्त करने की रणनीति बनाने वाले जनरल मलिक ने कहा कि राजनयिक वार्ता तभी लंबे समय तक चलेंगी जबकि जमीनी हकीकत को देखा जाए। राजनयिकों को भी जमीनी हकीकत को देखते हुए सारी स्थिति पर चर्चा करनी चाहिए।
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मौसम में बदलाव के मद्देनजर पाकिस्तान की ओर से फायरिंग ज्यादा होने लगी है। हाल के दिनों में पाक की ओर से कई बार फायरिंग हुईं। जम्मू-कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल के नजदीक इस प्रकार की हरकत दुखदायी है। दोनों देशों के बीच स्थिति गंभीर न हो जाए, इस बात को समझना होगा।

घुसपैठ भी कर सकते हैं पाकिस्तानी: ब्रिगेडियर गाखल
रिटायर्ड ब्रिगेडियर इंद्रजीत सिंह गाखल ने कहा कि जम्मू कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल के निकट पाकिस्तानी सेना के जवानों ने जो किया है वह दुखदायी है। पिछले एक महीने में कई बार पाकिस्तानी सेना द्वारा ऐसी हरकतें की जा रही हैं। इसका एक प्रमुख कारण है जम्मू कश्मीर में खत्म होता आतंकवाद।

यहां यह बात समझनी होगी कि बर्फीले मौसम का लाभ उठाकर पाकिस्तानी बर्फ का सहारा लेकर भारत में घुसपैठ करवा सकते हैं। जो घटना हुई है उसके पीछे यह भी हो सकता है कि सबका ध्यान उस ओर जाए और वह घुसपैठ करवाने में कामयाब हो जाएं।


भारतीय फौज को हर मोर्चे पर चौकन्ना रहना होगा। थप्पड़ खाना किसी बात का हल नहीं है, सबक सिखाना तो जरूरी है। लेकिन मेरी नजर में इससे पहले दोनों देशों के सेना प्रमुखों के बीच स्पष्ट वार्ता होनी चाहिए।

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