भारत-पाक विदेश सचिव स्तर की वार्ता की तारीख इसी हफ्ते संभव
भारत और पाकिस्तान के बीच विदेश सचिव स्तर की वार्ता की नई तारीख इसी हफ्ते तय होने की उम्मीद है। पठानकोट आतंकी हमले के कारण 15 जनवरी को होने वाली वार्ता के टलने के बाद से ही दोनों ही देश नई तारीख तय करने को ले कर माथापच्ची में जुटे हैं।
नई तारीख तय न होने की एक बड़ी वजह आतंकी हमला मामले की जांच पर अचानक पाकिस्तान की ओर से अपनाई गई सुस्ती है। इस सुस्ती से चिंतित भारत तारीख तय करने से पहले एक बार फिर से पठानकोट हमला मामले की जांच में ठोस प्रगति चाहता है।
आतंकी हमले के और सबूत सौंपने के बाद भारत पाकिस्तान में जारी जांच पर बारीकी से निगाह रख रहा है। इसके अलावा भारत लगातार इस हमले के लिए जिम्मेदार आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के खिलाफ कार्रवाई का दबाव भी बना रहा है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक फरवरी महीने में दोनों देशों के बीच विदेश सचिव स्तर की बातचीत तो होगी, मगर भारत की निगाहें इस वार्ता के साथ-साथ पठानकोट हमला मामले की जांच पर भी है।
एयरफोर्स बेस के अंदर जांच की अनुमति नहीं देगा भारत
भारत ने पाकिस्तान की इच्छा के अनुरूप इस हमले से संबंधित कुछ और सबूत पाकिस्तान को सौंपे हैं। इसके अलावा इस हमले के दोषियों से पूछताछ और पाकिस्तानी जांच टीम का भारत आ कर मामले की जांच पर कुछ तकनीकी उलझने हैं।
पाकिस्तान जहां भारत को जैश ए मोहम्मद के मुखिया मौलाना मसूद अजहर से पूछताछ की अनुमति नहीं दे रहा, वहीं भारत ने भी साफ कर दिया है कि वह पाकिस्तानी जांच दल को आतंकी हमले का शिकार बने एयरफोर्स बेस के अंदर जांच की अनुमति नहीं देगा।
दोनों ही मामले में अभी अंतिम निर्णय नहीं हो पाने के बावजूद दोनों देश विदेश सचिव स्तर की वार्ता के लिए राजी हैं। सरकारी सूत्र के मुताबिक इसी हफ्ते वार्ता की नई तारीख घोषित होने की संभावना है, मगर इससे पहले भारत पठानकोट मामले की जांच से संबंधित कई अड़चनों को दूर कर लेना चाहता है।