मुजफ्फरनगर: सचिन-गौरव की पुण्यतिथि, फोर्स तैनात
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मुजफ्फरनगर में कवाल गांव के मजरे मलिकपुरा में होने वाले सचिन-गौरव की पुण्यतिथि कार्यक्रम को लेकर पुलिस-प्रशासन बेहद सतर्क है। पूरे गांव और आसपास क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। कदम-कदम पर आरएएफ, पीएसी और पुलिसबल तैनात रहेगा। जानसठ से सिखेड़ा नहर पुल तक छह स्थानों पर चेक प्वाइंट बनाए गए हैं।
गुरुवार को मलिकपुरा में होने वाली सचिन-गौरव की पुण्यतिथि के कार्यक्रम में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कुछ दिन पूर्व तक कार्यक्रम में शिरकत करने वाले लोगों की आवाजाही को लेकर दोनों समुदायों के बीच खड़ा हुआ विवाद खत्म हो चुका है, लेकिन आशंकाओं के बादल रह-रहकर मंडरा रहे हैं। इसी के मद्देनजर कार्यक्रम से पूर्व ही कवाल और मलिकपुरा के साथ ही बाईपास और आसपास क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। लोगों को मलिकपुरा जाने से रोका नहीं जाएगा, लेकिन ऐहतियात के तौर पर जानसठ से कवाल तक और कवाल से सिखेड़ा नहर पुल तक कुल छह स्थानों पर चेक प्वाइंट बनाए गए हैं। हर चेक प्वाइंट पर इंस्पेक्टर के नेतृत्व में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जो आवागमन में व्यवस्था बनाए रखेंगे।
बड़े वाहनों को छोड़कर अन्य किसी भी वाहन को कवाल के भीतर से होते हुए मलिकपुरा जाने से रोका नहीं जाएगा। बड़े वाहनों को बाईपास से भेजा जाएगा, ताकि जाम अथवा अन्य किसी तरह की अव्यवस्था न हो। कदम-कदम पर आरएएफ, पीएसी और पुलिस बल के जवान तैनात रहेंगे। इसके लिए दो कंपनी आरएएफ, पांच कंपनी पीएसी और 200 इंस्पेक्टर और अन्य पुलिसकर्मियों की ड्यूटी कवाल व मलिकपुरा में लगाई गई है।
आईजी मेरठ जोन आलोक शर्मा खुद कवाल और मलिकपुरा में मौजूद रहकर कानून व्यवस्था की तैयारियों पर नजर रखेंगे। एसपी क्राइम राकेश कुमार जौली ने बताया कि पुण्यतिथि कार्यक्रम को लेकर कवाल और मलिकपुरा में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। किसी को कार्यक्रम में शामिल होने से रोका नहीं जाएगा, लेकिन किसी को अराजकता भी नहीं करने दी जाएगी।
मलिकपुरा पहुंचे आईजी जोन
आईजी मेरठ जोन आलोक शर्मा ने बुधवार को मलिकपुरा पहुंचकर सचिन-गौरव के परिजनों और पुण्यतिथि कार्यक्रम के आयोजकों से मुलाकात की। आईजी ने कार्यक्रम की पूरी जानकारी लेते हुए अधीनस्थों को शांति व्यवस्था संबंधी निर्देश दिए। आयोजकों ने कार्यक्रम को राजनीतिक अखाड़ा नहीं बनने देने का आश्वासन दिया।
बुधवार को खतौली से होते हुए आईजी मेरठ जोन आलोक शर्मा करीब ढाई बजे जानसठ तिराहे पर पहुंचे। वहां वे वे एसपी क्राइम राकेश कुमार जौली, एसडीएम बाबूराम और सीओ मुकेशचंद मिश्र के साथ कवाल होते हुए मलिकपुरा पहुंचे। वहां आईजी ने सचिन-गौरव के परिजनों से बात कर उन्हें सांत्वना दी। गौरव के पिता रविंद्र ने आईजी को पुण्यतिथि कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार सुबह नौ बजे घर में हवन किया जाएगा। कार्यक्रम में आने वाले सभी लोगों को घर के बाहरी हिस्से में बने स्थल पर ठहराया जाएगा। वहीं पर पुण्यतिथि के बाकी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस दौरान आयोजक पूर्व प्रमुख वीरेंद्र सिंह ने कहा कि कार्यक्रम को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने दिया जाएगा। वक्ताओं को केवल पुण्यतिथि के संबंध में ही बोलने दिया जाएगा। किसी को भड़काऊ बात भी नहीं कहने दी जाएगी, जिससे किसी तरह की वैमनस्यता उत्पन्न हो। आईजी ने इसकी सराहना करते हुए शांति व्यवस्था में हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। आईजी ने मलिकपुरा बाईपास का भी निरीक्षण कर अधीनस्थों को शांति व्यवस्था संबंधी जरूरी दिशा-निर्देश दिए। बताया कि वे खुद भी गुरुवार को कवाल और मलिकपुरा में ही कैंप कर कार्यक्रम और पुलिस-प्रशासनिक व्यवस्था पर नजर रखेंगे। इसके बाद आईजी जानसठ होते हुए मेरठ लौट गए।
दंगे के मृतकों को श्रद्धांजलि देने उमड़ा शहर
दंगे के मारे गए बेगुनाहों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बुधवार शाम मानो पूरा शहर सड़कों पर उतर आया। हजारों लोगों ने कैंडल जलाकर मृत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। स्कूली बच्चों ने देश भक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम पेश किए। दंगे के मृतक सभी 35 परिवारों के परिजनों ने स्वयं मौजूद रहकर अपनों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
एक वर्ष पूर्व 27 अगस्त को कवाल कांड के बाद जिला सांप्रदायिकता की आग में झुलसा था। जिला प्रशासन ने सद्भावना सप्ताह मनाते हुए बुधवार शाम कैंडल मार्च का आयोजन किया। महावीर चौक पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के लिए शहर उमड़ पड़ा। शाम सात बजे महावीर चौक से लेकर प्रकाश चौक, मीनाक्षी चौक, जानसठ पुल पर श्रद्धांजलि देने वालों की कतार लग गई। स्कूली बच्चों के साथ सामाजिक संगठन, किसान संगठन, जिला बार, आईएमए, समर्पित युवा संगठन के लोग बड़ी संख्या में शामिल रहे। अधिक भीड़ होने पर जब लोग महावीर चौक तक नहीं पहुंच पाए तो उन्हें वहीं पर कैंडल जलाने के लिए कहा गया, जहां वह मौजूद थे।
श्रद्धांजलि देने वालों में वह सभी 35 परिवार शामिल थे, जिन्होंने बीते वर्ष दंगों में अपनों को खोने का गम झेला है। हजारों लेगों के साथ सभी ने कैंडल जलाकर अपनों को श्रद्धांजलि अर्पित की। महावीर चौक पर बनाए गए स्टेज पर एसडी जूनियर, एमजी और श्रीराम कॉलेज के बच्चों ने देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति देकर राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया।