रतन टाटा ने कहा, 'सहिष्णुता के लिए शिक्षा और काम में संतुष्टि अहम'
शीर्ष उद्योगपति रतन टाटा ने रविवार को कहा कि भारतीय हमेशा सौहार्द से रहते आए है। उन्होंने कहा कि असहिष्णुता के बढ़ते उदाहरणों को समाप्त करने में शिक्षा और काम से संतुष्टि मददगार होगी।
अमेरिका की लाभ निरपेक्ष ऑनलाइन शिक्षा खान एकेडमी के साथ गठजोड़ की घोषणा करने के बाद टाटा ने कहा, ‘शिक्षा और काम से संतोष से असहिष्णुता को कम करने या समाप्त करने में मदद मिलेगी क्योंकि असहिष्णुता की जगह ज्ञान ले लेगा।
असहिष्णुता आर्थिक निराशा का परिणाम
टाटा ने कहा कि हमारा देश सौहार्द से जीता आया है.. हमें साथ मिलकर काम करना है, हमें साथ रहना है और ऐसा लगातार जारी रहना है। हमारे इर्दगिर्द विश्व में जो असहिष्णुता बढ़ रही है उसमें हमें शामिल नहीं होना चाहिए।’
उन्होंने कहा कि वह सहिष्णुता के मुद्दे पर देश में जारी बहस में शामिल नहीं होना चाहते हैं। खान एकेडमी के मुख्य कार्यकारी सलमान खान ने कहा कि शिक्षा सहिष्णुता का एक स्रोत होगा। उन्होंने कहा कि असहिष्णुता आर्थिक निराशा का परिणाम है।