दहेज के लिए बच्ची समेत पत्नी को जलाया
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दहेज की मांग पूरी न होने पर एक पति ने परिजनों के साथ मिलकर अपनी ही पत्नी और दुधमुंही बच्ची को जिंदा जला दिया। जिसमें मां-बेटी दोनों की मौत हो गई। मामला सुल्तानपुर के कादीपुर का है।
वारदात के बाद से ही ससुराल वाले घर छोड़कर फरार हैं। पुलिस ने मृत युवती के भाई की तहरीर पर पति समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्रतापगढ़ के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के देवरखा गांव निवासी विश्वनाथ यादव ने अपनी बेटी रीना (25) की शादी कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के बरवारीपुर गांव निवासी रामदौर यादव के बेटे सुरेश यादव के साथ साल 2010 में की थी। बताया जा रहा है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले रीना को दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे।
बेटी ने इसकी शिकायत जब परिवार वालों से की तो परिजनों ने रीना के पति सुरेश को तीन लाख रुपये जीप खरीदने के लिए दिए। इस दौरान रीना ने दो बच्चियों दीप्ति (3) और अनुष्का (1) को जन्म दिया। कुछ दिन पहले ही दीप्ति को ननिहाल वाले अपने साथ घर ले गए थे जबकि अनुष्का अपनी मां के साथ पिता के घर पर थी।
8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज
बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात करीब आठ बजे रीना ने फोन करके अपनी मां को बताया कि ससुराल वाले उसकी पिटाई कर रहे हैं। इस पर लड़की के मायके वालों ने उससे शनिवार सुबह अपने साथ ले जाने की बात कही। इस बीच सुरेश ने परिवार वालों के साथ मिलकर पत्नी रीना और एक वर्षीय पुत्री अनुष्का को जिंदा जला दिया, जिससे मां-बेटी की मौत हो गई।
ग्रामीणों ने इसकी सूचना कादीपुर कोतवाल आरपी शाही को दी। सूचना के बाद कोतवाली पुलिस जैसे ही गांव में पहुंचे तब तक आरोपी ससुराल वाले मौके से फरार हो चुके थे। पुलिस ने घर के अंदर से मां-बेटी के जले हुए शवों को बरामद किया।
पुलिस ने तुरंत मामले की सूचना मायके वालों को दी। इधर, महिला के भाई रवींद्र यादव ने पति समेत आठ लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। इंस्पेक्टर आरपी शाही ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।