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कुत्तों ने किया हलकान, जनता से लेकर डीएम तक परेशान

Fri, 27 Feb 2015 03:19 PM IST
Updated Fri, 27 Feb 2015 03:19 PM IST
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Terror of killer dogs in Bareilly; DM to analyse the situation

आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन ये सच है कि बरेली में कुत्तों का ऐसा आतंक छाया है कि प्रशासन की नींद भी उड़ी हुई है।

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मामला बरेली के बहेड़ी इलाके का है। जहां खूंखार कुत्तों के आतंक से आम तो क्या खास लोग भी परेशान हैं। आलम ये हो गया है कि वहां मांस के टुकड़े या अपशिष्ट खुले में फेंकने पर पाबंदी लगा दी गई है।

इतना ही नहीं कुत्ता पालतू है या आवारा यह जानने के लिए उन्हें रंगों से चिन्हित किया जाएगा। खूंखार कुत्तों के व्यवहार की सटीक निगरानी की जाएगी।

यह फैसला गुरुवार को डीएम गौरव दयाल के कैंप कार्यालय में उनकी अध्यक्षता में हुई अफसरों और आईवीआरआई के वैज्ञानिकों की बैठक में मिले सुझावों के बाद लिया गया। डीएम खुद 28 फरवरी को बहेड़ी जाकर वहां लोगों से इस मसले पर बातचीत करेंगे।
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शिक्षक समेत दो को बनाया शिकार

Terror of killer dogs in Bareilly; DM to analyse the situation

आवारा कुत्तों का आतंक कैसा है इसका पता आपको इससे ही चल जाएगा कि अब तक इलाके में एक शिक्षक और एक युवक पर इन कुत्तों ने हमला किया। इतना ही नहीं उन्हें बुरी तरह से नोंच डाला।

कनमन गांव का 22 वर्षीय मुनीश कुमार बृहस्पतिवार दोपहर खेत से लौट रहा था। करोड के पास आवारा कुत्तों ने उसे घेर कर पैर नोच डाला। सीएचसी में इलाज के बाद उसे घर भेज दिया गया।

ऐसे ही रिछा निवासी शिक्षक अताउर्ररहमान डंडिया नगला प्राइमरी स्कूल से शाम को लौट रहे थे। जंगल में नहर के पास आवारा कुत्ते उनकी बाइक के पीछे पड़ गए। हड़बड़ी में बाइक गिरी तो कुत्तों ने हमला कर दिया। खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने किसी तरह शिक्षक को बचाया।

आखा गांव में एक साल पहले कुत्तों के हमले से घायल बच्चे ने बुधवार रात दम तोड़ दिया। उसका बरेली के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। बृहस्पतिवार को उसका शव गांव लाया गया।

पिछले साल मार्च में ओमप्रकाश के छह वर्षीय बेटे सुशील पर खेत से लौटते समय आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया था। उसे गंभीर हालत में बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब से उसका इलाज चल रहा था। बुधवार शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

डीएम ने संभाला मोर्चा

Terror of killer dogs in Bareilly; DM to analyse the situation

विधायक अताउररहमान ने बताया कि आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए व्यापक अभियान चलाने के लिए उन्होंने डीएम से बात की है। डीएम ने 28 फरवरी को बहेड़ी इलाके का दौरा कर बैठक का आश्वासन दिया है।

दूसरी ओर वन विभाग, नगर पालिका, जिला पंचायत की टीमें भी सक्रिय हो गई हैं। उन्होंने बृहस्पतिवार को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर अलग-अलग गांवों से आठ कुत्तों को पकड़ा। बाद में इन्हें उत्तराखंड के शक्तिफार्म के जंगल में छोड़ दिया गया। टीम ने गांवों में गोष्ठी कर ग्रामीणों को जागरूक भी किया।

टीम सुबह ही आदलपुर, रूड़की, नरायननगला, हरहरपुर, भाटियाफार्म, बांकौला, गुरसौली, धोबी तालाब समेत कई गांवों में पहुंची। ग्रामीणों को बताया गया कि तीन दिनों के अंदर पालतू कुत्तों पर नीला या लाल रंग डालकर पहचान बना दें। वहीं ग्रामीणों से हमलावर कुत्तों को मार देने को भी कहा गया है।

विज्ञानियों ने खूंखार कुत्तों की तलाश और पहचान के लिए अच्छे रेंज वाले दूरबीन की मदद लेने का सुझाव दिया। इससे दो से तीन किमी की दूरी पर खूंखार कुत्तों का झुंड देखा जा सकेगा। दूसरे विकल्प के रूप में कुतिया को खूंखार कुत्तों वाले इलाके में रस्से में बांधकर खुले में रखने का सुझाव आया।

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अभी तय नहीं कुत्ते आवारा हैं या जंगली

Terror of killer dogs in Bareilly; DM to analyse the situation

अभी तक वन विभाग के अधिकारी दावा कर रहे थे कि बहेड़ी इलाके में मासूमों की जान लेने वाले कुत्ते जंगली नहीं आवारा हैं लेकिन कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में वे यह दावा करने से कतरा गए।

बैठक में बताया गया कि ये कुत्ते आवारा हैं या जंगली यह भी तय नहीं है। बैठक में निर्देश दिया गया कि कुत्तों की सही तौर पर पहचान कराई जाए।

जिला प्रशासन की बैठक में इलाके के स्लाटर हाउसों से पशुओं के अपशिष्टों को खुले में फेंके जाने और उन्हें खाकर कुत्तों के आदमखोर बनने की बात का भी गंभीर संज्ञान लिया गया।

तहसील और नगर पालिका प्रशासन को निर्देश दिया गया कि वे सुनिश्चित करें कि आगे से पशुओं के अपशिष्टों को खुले में न फेंका जाए और स्लाटर हाउस चलाने वाले उनका सही ढंग से निस्तारण करें ताकि वह आवारा कुत्तों का निवाला न बने।

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