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मोदी ने पीएम को भेजी चिट्ठी में क्या लिखा?
अहमदाबाद/एजेंसी
Updated Wed, 14 Aug 2013 01:15 AM IST
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गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपीए सरकार के खाद्य सुरक्षा बिल में खामियां गिनाई हैं।
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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को 7 अगस्त को लिखी एक चिट्ठी में मोदी ने प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा बिल के बहाने सरकार की नीतियों की आलोचना की है।
चिट्ठी में मोदी ने लिखा है कि यह बिल देश को कुपोषण की ओर धकेल देगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा बिल पर लाए जा रहे अध्यादेश को संसद में मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है और इससे यह बिल पारित हो जाएगा। लेकिन इसमें कई कमजोरियां और खामियां हैं। इससे न तो लोगों की कैलोरी की जरूरत पूरी होगी और न उन्हें पूरा पोषण मिलेगा। उनके सामने पोषण असुरक्षा की समस्या उठ खड़ी होगी।
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मोदी ने कहा है कि जिस में देश में लोगों की पोषण जरूरत पूरी करना एक बड़ी चिंता है वहां यह बिल लोगों को कुपोषण की ओर ही धकेलेगा। इस समय गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को 35 किलो अनाज मिल रहा है लेकिन प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा बिल में उन्हें 25 किलो अनाज देने का ही प्रावधान है।
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मोदी ने लिखा है, प्रधानमंत्री जी आपके नीति-निर्माता आम लोगों की दिक्कतों से अनजान हैं। वे ये भी नहीं जानते हैं इस देश के आम लोग किस स्थिति में जी रहे हैं। यही वजह है कि आपकी सरकार के लोग यह ऐलान करते हैं हमें पांच या बारह रुपये में भोजन मिल सकता है। उनकी यह मानसिकता प्रस्तावित बिल में भी दिखाई देती है।
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प्रधानमंत्री जी आप एक अर्थशास्त्री हैं। आप जितनी जल्दी गरीबों के भोजन का अर्थशास्त्र समझ लेंगे उन्हें भोजन मिलने की संभावना उतनी ही उजली हो जाएगी। देश के सबसे पिछड़े लोगों को आपकी सरकार के इस बिल से कोई फायदा नहीं मिलने वाला। उल्टे इससे गरीबी रेखा से नीचे के लोगों पर बोझ और बढ़ेगा ही।