{"_id":"f4bb21ff13f605637d17598cf8507337","slug":"fodder-scam-supreme-court-agrees-to-change-judge-hearing-case-against-lalu","type":"story","status":"publish","title_hn":"चारा घोटाला: लालू यादव को फौरी राहत","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
चारा घोटाला: लालू यादव को फौरी राहत
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jul 2013 11:01 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चारा घोटाला मामले में सीबीआई की चुप्पी के बावजूद राजद मुखिया लालू प्रसाद के खिलाफ सुनवाई कर रहे ट्रायल जज को बदलने के आग्रह पर सुप्रीम कोर्ट ने सहमति जता दी है।
विज्ञापन
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू के खिलाफ लगे आरोपों पर मुकदमा करने वाली सीबीआई चुप्पी साधे है। वहीं ट्रायल जज की ओर से इस मामले में फैसला सुरक्षित कर लिया गया है।
विज्ञापन
सर्वोच्च अदालत ने ट्रायल कोर्ट की ओर से फैसला सुनाए जाने पर 9 मई को रोक लगाने का आदेश जारी किया था जिसे अदालत ने जारी रखा है।
जस्टिस पी.सदाशिवम् की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अदालत इस मामले में हाईकोर्ट को नया जज नियुक्त करने को कहेगी या खुद ऐसा आदेश जारी करेगी। यदि पक्षकारों की ओर से जज के नाम पर यही स्थितियां बनी रहेंगी जो मामले पर सुनवाई कर रहे हैं।
विज्ञापन
पीठ ने सुनवाई को 6 अगस्त तक टालते हुए लालू, सीबीआई और जदयू नेता राजीव रंजन के अधिवक्ता से कहा कि एक जज के नाम पर अनुकूल सहमति बनाकर अदालत के समक्ष पेश करें।
खास बात यह है कि सीबीआई ने सर्वोच्च अदालत से 9 जुलाई को कहा था कि वह लालू के खिलाफ आरोपों पर विशेष सीबीआई जज पीके सिंह के पक्षपाती होने के मसले पर अपना पक्ष रखेगी। लेकिन एजेंसी की ओर से कोई जवाब नहीं दाखिल किया गया और अदालत से हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा।
वहीं लालू की दलील की खिलाफत करने वाले रंजन की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार ने दलील दी कि ट्रायल जज 2011 से मामले पर सुनवाई कर रहे हैं। लेकिन राजद मुखिया ने इससे पहले 275 दिनों के अंतराल में सुनवाई के दौरान कभी आपत्ति नहीं जारी की।
हालांकि पीठ ने कहा कि यदि जज के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं तो यही सही होगा कि बदलाव कर दिया जाए।