7 साल में अरबपति हो गए ये दो भाई!
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बंगलौर के अरबपतियों की फेहरिस्त में सचिन और बिन्नी बंसल इन्फोसिस के फाउंडर नारायणमूर्ति और को फाउंडर नंदन नीलकेणी के करीब पहुंच गए हैं।
बंसल भाइयों की कंपनी फ्लिपकार्ट एक अरब डॉलर (करीब 6 हजार करोड़ रुपये) की फंडिंग जुटाने में कामयाब रही है। किसी ई-कॉमर्स कंपनी की ओर से जुटाई गई यह सबसे बड़ी पूंजी है।
कंपनी ने चंद सालों में ही ये कामयाबी पाई है। पिछले तीन वर्षो में फ्लिपकार्ट के कारोबार में 100 गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2011 से 2014 के बीच में फ्लिपकार्ट का कारोबार 10 मिलियन डॉलर से बढ़कर 2 बिलियन डॉलर सालाना हो गया है।
बंसल बंधुओं ने 2007 में किताबों की ऑनलाइन बिक्री के लिए फ्लिपकार्ट की शुरुआत की थी। आज ये कंपनी कई उत्पाद बेचती है।
फ्लिपकार्ट की शुरुआत मामूली पूंजी से
बंसल बंधुओं ने फ्लिपकार्ट की शुरुआत मामूली पूंजी से की थी और महज सात सालों में 6 हजार करोड़ रुपए की पूंजी जुटाने में कामयाब रहे।
बंसल बंधुओं का मानना है कि भारत में ई-कॉमर्स में पर्याप्त संभावनाएं हैं। अगले 10 वर्षों में देश में कई ऐसी कंपनियों होंगी, जिनकी पूंजी 100 मिलियन से ज्यादा होगी।
कंपनी के संस्थापक और चीफ एक्जीक्यूटिव सचिन बंसल के मुताबिक, 'हमने और हमारे निवेशकों ने जितनी कल्पना की थी, फ्लिपकार्ट उससे भी बड़ी हो चुकी है।'
आईपीओ लाने का कोई इरादा नहीं
6 हजार करोड़ की पूंजी से फ्लिपकार्ट को कारोबारी विस्तार में मदद मिलेगी बल्कि ऑनलाइन रिटेल में मुकाबला और भी बढ़ जाएगा। इस फंडिंग के साथ फ्लिपकार्ट का आईपीओ आने की अटकलों पर भी विराम लग गया है।
सचिन बंसल का कहना है कि यह फंडिंग फ्लिपकार्ट और भारत में इंटरनेट कंपनियों के लिए मील का पत्थर है।
यह कंपनी के लिए विस्तार करने का सही मौका है। बंसल के मुताबिक, आईपीओ लाने का कोई इरादा नहीं है। गौरतलब है कि अभी तक कंपनी कुल 1.7 अरब डॉलर (10 हजार करोड़ रुपये) का निवेश जुटा चुकी है।
जानिए, किन्होंने दी कंपनी को ये पूंजी
फ्लिपकार्ट ने यह फंडिंग दक्षिण अफ्रीका के नेस्पर्स और अमेरिकी इनवेस्टमेंट फर्म टाइगर ग्लोबल जैसे पुराने निवेशकों के अलावा सिंगापुर के वेल्थ फंड जीआईसी, डीएसटी ग्लोबल और मॉर्गन स्टैनले जैसे कई निवेशकों के जरिए जुटाई है।
हालांकि, फ्लिपकार्ट ने कंपनी के वेल्यूएशन का खुलासा नहीं किया है, लेकिन अनुमान है कि यह 7 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
वर्ष 2007 में ऑनलाइन बुक रिटेलर के तौर पर शुरू हुई फ्लिपकार्ट ने काफी कम समय में कारोबार बढ़ाया है।
2018 तक चार गुना होगा ई-कॉमर्स
इस साल मई में फ्लिपकार्ट ने करीब 2000 करोड़ रुपये में फैशन ई-रिटेलर मिंत्रा डॉट कॉम का अधिग्रहण कर ई-कॉमर्स बाजार में हलचल मचा दी थी। नई फंडिंग के जरिए फ्लिपकार्ट को भारत में तेजी से पैर फैला रहे अमेजॉन जैसे विदेशी कंपनियों का मुकाबला करने में मदद मिलेगी।
भारत में तेजी से बढ़ते ऑनलाइन रिटेल के बाजार पर देश-विदेश के निवेशकों की नजरें टिकी हैं।
देश में ई-कॉमर्स का सालाना कारोबार करीब 80 हजार करोड़ रुपये का है। इंटरनेट की पहुंच बढ़ने के साथ यह कारोबार वर्ष 2018 तक सात गुना बढ़ सकता है। वर्ष 2020 तक देश में मोबाइल पर इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या 50 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
1000 इंजीनियरों की भर्ती करेगी फ्लिपकार्ट