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जासूसी में रिलायंस कर्मचारी सहित 5 गिरफ्तार

Fri, 20 Feb 2015 07:27 PM IST
Updated Fri, 20 Feb 2015 07:27 PM IST
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five people caught from spy of Ministry of Petroleum

पेट्रोलियम मंत्रालय में सेंधमारी के सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस ने कारपोरेट कंपनियों के लिए कथित जासूसी के इस मामले में तेल मंत्रालय के दो अधिकारियों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि इनमें से एक रिलायंस इंडस्ट्रीज का कर्मचारी भी है। कंपनी ने भी इसकी पुष्टि की है।

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पुलिस मान रही है कि ये लोग वर्षों से पेट्रोलियम मंत्रालय की अहम सूचनाएं निजी एनर्जी कंसलटेंसी और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को लीक कर रहे थे। ऐसे में मामले में किसी बड़ी साजिश से इनकार नहीं किया जा रहा है। पुलिस पता लगा रही है कि इन लोगों ने क्या-क्या गोपनीय सूचनाएं किन-किन कंपनियों को लीक की हैं।
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माना जा रहा है कि इस मामले में कई बड़े नामों व कंपनियों की संलिप्तता सामने आ सकती है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मामले को गंभीर बताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।

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कारपोरेट जासूसी का माना जा रहा मामला

five people caught from spy of Ministry of Petroleum

दिल्ली पुलिस के मुताबिक मंत्रालय में फर्जी स्टीकर, आईडी व चाबियों के साथ प्रवेश पाए दो पूर्व कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद इस मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने इनके पास से गोपनीय दस्तावेज की प्रतियां भी बरामद की हैं और उनके साथ कार चालक को भी गिरफ्तार कर लिया है।

उनकी निशानदेही पर पेट्रोलियम मंत्रालय के दो अधिकारियों आशाराम और ईश्वर सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर रही है। दिल्ली पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने बृहस्पतिवार शाम को पुलिस मुख्यालय में इस मामले की जानकारी दी।

बस्सी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि दो लोग अपने साथियों के साथ मिलकर पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय, शास्त्री भवन में जरूरी सूचनाएं चुरा रहे हैं। 17 फरवरी की रात को ये लोग शास्त्री भवन आने वाले हैं।

आरोपियों में दो सगे भाई और उनका पिता भी शामिल

five people caught from spy of Ministry of Petroleum

सूचना के बाद रात के समय शास्त्री भवन में इंडिगो कार में आए तीन लोगों, ललिता प्रसाद, राकेश कुमार व राजकुमार चौबे को चुराए गए दस्तावेजों के साथ दबोच लिया गया। ललिता व राकेश दोनों सगे भाई हैं।

दोनों ने बताया कि वे 2012 में मंत्रालय में अस्थायी एमटीएस (मल्टी टास्किंग स्टाफ) थे। बाद में उन्हें हटा दिया गया था। राजकुमार कार चालक बताया जा रहा है। इनमें राकेश, आशाराम, ललिता और ईश्वर सिंह दिल्ली के रहने वाले हैं, जबकि राजकुमार गाजियाबाद के वैशाली का रहने वाला है।

मंत्रालय में अस्थायी मल्टी टास्किंग स्टाफ की नौकरी से निकाले जाने के बाद दोनों भाइयों ललिता व राकेश ने अपने पिता आशाराम और अन्य शख्स ईश्वर के साथ मिलकर मंत्रालय से दस्तावेज चुराना शुरू कर दिया।

ऐसे करते थे सूचनाएं लीक

five people caught from spy of Ministry of Petroleum

आशाराम और ईश्वर सिंह दोनों ही मंत्रालय में स्थायी एमटीएस हैं। मंत्रालय में अंदर तक अपनी पहुंच की वजह से दफ्तर की नकली चाबी इनके पास मौजूद थी। इसके अलावा इन लोगों ने कार पर मंत्रालय भवन में प्रवेश करने का भारत सरकार का नकली स्टीकर भी बनवा लिया।

बाद में बड़ी आसानी से दस्तावेजों की फोटो स्टेट कराकर निजी कंपनियों को मुहैया कराने लगे। माना जा रहा है कि मोटी रकम के लालच में यह गुप्त सूचनाएं लीक करते थे। पुलिस ने इन चारों समेत कार चालक राजकुमार को भी गिरफ्तार कर लिया है।

ये सामान हुआ बरामद

मंत्रालय के दफ्तर की नकली चाबियां, नकली स्टीकर लगी इंडिगो कार, चुराए गए दस्तावेज। वहीं मामले में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का कहना है कि यह गंभीर मामला है। गिरफ्तार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सुरक्षा के लिए मंत्रालय में सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं।

जबकि पुलिस कमिश्नर बीएस ने बताया कि गोपनीय दस्तावेज की फोटो स्टेट की जाती थी और फिर पैसे लेकर इन प्रतियों को ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों और कुछ निजी कंसलटेंट को दे दिया जाता था। मामले में किसी बड़ी साजिश से इनकार नहीं किया जा सकता है।

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