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क्या संघ तय कर रहा है मोदी सरकार की नीतियां?

Wed, 29 Oct 2014 03:38 PM IST
Updated Wed, 29 Oct 2014 03:38 PM IST
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five ministers of modi government meet rss

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ दावा करता रहा है कि वह केंद्र सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करता। फिर भी संघ और केंद्र के बीच समन्वय के लिए एक समिति बनाई गई है और उस समिति की मंगलवार को बैठक हुई। संघ के पदाधिकारियों और केंद्रीय मंत्रियों के बीच राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा के लिए हुई अपनी तरह की ये पहली बैठक थी।

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बैठक में सरकार का नेतृत्व कृषिमंत्री राधा मोहन सिंह ने किया। श्रम मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल, कृषि राज्य मंत्री संजीव कुमार बालियान केंद्र की ओर से शामिल होने वाले अन्य मंत्री थे।
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आरएसएस की ओर से बैठक में संघ और भाजपा के बीच समन्वय के लिए हाल ही में नियुक्त कृष्ण गोपाल, वरिष्ठ संघ पदाधिकारी सुरेश सोनी, भाजपा महासचिव राम लाल, राम माधव और पी मुरलीधर राव मौजूद थे। बैठक चार घंटे चली।
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संघ पदाधिकारियों ने दिया मोदी सरकार को सुझाव

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बैठक में संघ से जुड़े संगठनों स्वदेशी जागरण मंच, भारतीय मजदूर संघ, भारतीय किसान संघ, वनवासी कल्याण आश्रम, लघु उद्योग भारती और सहकार भारती के पद‌ाधिकरियों ने भी हिस्सा लिया।

एक पदाधिकारी ने बताया कि सरकार और संघ के बीच समन्यव की दिशा में पहल हो चुकी है। बैठक में आर्थिक गतिविधियों से जुड़े मंत्रालयों को बुलाया गया था। उन्होंने बताया कि ये एक सामान्य बैठक ‌थी, जिसमें संगठन पदाधिकारियों और मंत्रियों के बीच नीतिगत पर चर्चा हुई।

मंत्रियों ने संघ पदाधिकारियों मशविरों और शिकायतों को दर्ज किया, ताकि भ‌‌विष्य में नीतिगत मुद्दों पर टकराव न हो सके। भाजपा और संघ से जुड़े लोगों को कहना है कि ऐसे बैठकों की योजना सरकार और संघ के बीच ‌विश्वास बढ़ाने के लिए बनाई गई है।

कई मुद्दों पर सरकार और संघ में है मतभेद

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उल्‍लेखनीय है क‌ि संघ से जुड़े संगठन विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हैं। ऐसी बैठकों में ये संगठन अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर संबंधित मंत्रालयों से बात कर सकेंगे।

उदाहरण के लिए‌ शिक्षा से जुड़े संगठन भविष्य में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ शिक्षा से जुड़े किसी नीतिगत मुद्दे पर अपनी बात रखना चाहता है तो ऐसी बैठकों में आसानी से वह अपनी बात कह सकेगा। 

बैठक में शामिल एक पदाधिकारी ने बताया कि हाल ही में सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए हैं, जो संघ की नीतियों से मेल नहीं खाते। ऐसे मुद्दों पर आपसी समझ बेहतर बनाने के लिए ये बैठक होती रहेंगे।

उल्‍लेखनीय है क‌ि सरकार ने हाल ही में जीएम फसलों के परीक्षण का फैसला किया है, जबकि स्वदेशी जागरण मंच, भारतीय किसान संघ भारत में ऐसी फसलों के परीक्षण का ‌विरोध करते रहे हैं। रेलवे में एफडीआई को लेकर भी संघ और सरकार में मतभेद है।

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