फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   five members made Christian returned to Hindu in Bihar’s Bhagalpur again.

बिहार: ईसाई बने पांच परिवार फिर बने हिंदू

Sun, 21 Dec 2014 10:17 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Sun, 21 Dec 2014 10:17 AM IST
विज्ञापन
five members made Christian returned to Hindu in Bihar’s Bhagalpur again.

(फोटोः सौजन्य से इंडियन एक्सप्रेस)

विज्ञापन


हाल ही में बिहार के भागलपुर जिले में ईसाई बने पांच हिंदू परिवार के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चार दिन पहले ही ईसाई धर्म अपनाने वाले महादलित समुदाय के पांच हिंदू परिवार अब सामाजिक चिंता के चलते फिर से पुराने धर्म में लौट आए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, ईसाई बनने वाले इन परिवारों का फिर से धर्म परिवर्तन नहीं कराया गया बल्कि सामाजिक बहिष्कार के डर से उन्होंने फिर से हिंदू धर्म अपना लिया है।
विज्ञापन


अपने पूर्व के हिंदू धर्म में वापस आने के सवाल पर उन्होंने मीडिया को बताया कि धर्म बदलने को लेकर लोग उसने लगातार सवाल पूछ रहे थे कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। इन सवालों के बाद ही उन्होंने अपनी गलती महसूस की और फिर से हिंदू धर्म में वापस आ गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके साथ यह भी बताया जा रहा है कि इसाई बनने वाले ये महादलित जिस गांव से आते हैं वह पूरा हिंदू बहुल गांव है ऐसे में उन्हें गांव से बहिष्कार किए जाने का भी डर था।

प्रेतों से छुटकारा पाने के लिए बने थे ईसाई

five members made Christian returned to Hindu in Bihar’s Bhagalpur again.

घर वापसी करने वाले इन लोगों के बारे में गांव के लोगों का कहना था कि उन्होंने हिंदू एकता को कायम रखने का संकल्प ले रखा था। उधर खबर यह भी है कि ईसाई बनने वाले राधे मंडल, बसुदेव मंडल और पावो देवी ने गांव के मंदिर में करीब 100 लोगों की उपस्थित में पूरे विधि-विधान से पूजा अर्चना की।

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, धर्म परिवर्तन करने वाले ये लोग स्‍थानीय व्यक्ति वकील मंडल और मोहम्मद मोकिन की मदद से नौगाछिया निवासी इसाई समुदाय के लोगों से अगस्त में मिले थे। वकील मंडल और मोहम्मद कोकिन ने इन लोगों को प्रेत आत्माओं के चंगुल से छुटकारा दिलवाने का वादा किया था।

इन हिंदू परिवार के लोग जब ईसाई बनने गए तो उन्हें बताया गया कि फादर की ओर दिया जाने वाला एक पवित्र जल पीने और सरसों के तेल की मालिश से उनकी बीमारी दूर हो जाएगी। इसके बाद उन्हें तुरंत आराम के लिए एक कथित पवित्र जल पिलाया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed