दिल्ली की 'दामिनी' से भी दर्दभरी इस निर्भया की दास्तां
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दिल्ली के अस्पताल में 19 दिन तक जिंदगी के लिए संघर्ष के बाद शुक्रवार को कोसी की ‘निर्भया’ की मौत हो गई। वह अभी 15 साल की ही थी। कोसीकलां थाना क्षेत्र के एक गांव में पांच लोगों ने दुष्कर्म के बाद उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी।
शुक्रवार की रात ही गांव में उसके शव का खामोशी से अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना 19 अप्रैल की है। वह शाम को जंगल से लौट रही थी। उसे दिनेश नामक युवक धोखे से गांव के बाहर बने एक मकान में ले गया।
जहां दिनेश, सुखबीर, विनय, विक्रम सहित पांच ने उससे सामूहिक दुष्कर्म किया। पांचवां आरोपी नाबालिग बताया गया है। देर शाम मां उसे ढूंढते हुई पहुंची और घर ले आई।
दिल्ली के अस्पताल में 19 दिन बाद तोड़ा दम
गुनाह की सजा से बचने के लिए पांचों आरोपी 20 अप्रैल को तड़के उसके घर पहुंचे और मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी थी।
परिवारीजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से गंभीर हालत के चलते उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
गैंगरेप के आरोपियों में से दो पीड़िता के रिश्तेदार भी लगते हैं। एसएसपी को पीड़िता ने बयान दिया था कि रिश्ते की दुहाई देकर भी उसने आरोपियों से छोड़ने को कहा था।
प्रकरण में पांचों आरोपी गिरफ्तार हैं। एसओ सुरेंद्र सिंह यादव बताते हैं कि पीड़िता की मौत के बाद अब मुकदमे की विवेचना में धाराओं में बदलाव कर दिया जाएगा।