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मुंबई गैंगरेपः रोंगटे खड़े करने वाली कहानी, पीड़िता की जुबानी
मुंबई/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 26 Aug 2013 02:52 PM IST
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सुनसान पड़ी शक्ति मिल्स में जो कुछ हुआ, उसे बयान करना एक बार फिर उस भयावह वक्त से गुजरने जैसा है। लेकिन आरोपियों को कटघरे तक पहुंचाने के लिए युवती ने हिम्मत बटोरकर सारा किस्सा बयान किया।
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22 वर्षीय युवती का कहना है कि गुरुवार शाम करीब 6 बजे पुरानी इमारतों की तस्वीरें लेने का काम लगभग पूरा हो गया था, जब उसे और उसके सहकर्मी को दो आरोपियों ने घेर लिया।
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आरोपियों ने उन्हें डराया कि उनका बॉस इस बात से खफा है कि वे दोनों बिना इजाजत तस्वीरें ले रहे हैं। इस पर युवती ने उनसे कहा कि वे बॉस का नंबर दें और वह बात कर लेगी। लेकिन आरोपी नहीं माने और उन्हें साथ चलने के लिए कहा।
पुलिस अधिकारी ने कहा, 'जाधव और सलीम ने चांद को फोन कर अपने दो और दोस्तों के साथ वहां पहुंचने को कहा। जब सभी आरोपी घटनास्थल पहुंचे, तो उन्होंने युवती से बलात्कार करने का फैसला किया।' सभी आरोपी एक-दूसरे को फर्जी नामों से बुला रहे थे, ताकि बाद में बच निकलने में आसानी हो।
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युवती ने पुलिस को बताया, 'एक आरोपी ने मेरे सहकर्मी से कहा कि कुछ दिन पहले यहां हत्या हुई है और मेरा सहकर्मी हत्यारा है। मैंने उनसे हमें जाने देने का आग्रह किया, लेकिन वे चिल्लाए और हमें मिल के और भीतर ले गए।'
उसने बताया, 'हमने उन्हें कैमरा और आईफोन लेकर हमें छोड़ने को कहा, लेकिन उन्होंने हमारी बेल्ट खुलवाई और मेरे सहकर्मी के हाथ उससे बांध दिए। तीन वहीं रुके, जबकि दो मुझे और अंदर ले गए।' इस बीच युवती की मां का फोन आया।
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युवती ने बताया, 'आरोपियों ने मुझे टूटी हुई बोतल दिखाकर डराया और कहा कि मैं अपनी मां से कहूं कि सब ठीक है। मुझे ऐसा ही करना पड़ा। दूसरी बार कॉल आने पर भी ऐसा हुआ। इसके बाद मेरा फोन स्विच-ऑफ कर दिया।'
पुलिस के पूछने पर चांद ने बताया कि अगर युवती या सहकर्मी शोर मचाते और मामला काबू से बाहर होते हुए दिखता, तो उन्होंने सहकर्मी की हत्या का प्लान कर लिया था, ताकि युवती डर जाए। और अगर युवती तब भी चिल्लाती, तो वे उसे भी मारने से गुरेज न करते।