मर्दों के लिए नहीं खुलेंगे इस मस्जिद के दरवाजे
कॉमेडियन हंसा मजनवी (Hasna Maznavi) और वकील सना मुतालिब (Sana Muttalib) दो ऐसी मुस्लिम महिलाएं हैं, जो अमेरिका की आम मस्जिदों में सहज महसूस नहीं करती थीं। इसी वजह से इन्होंने लॉस एंजेलिस में एक ऐसी मस्जिद की शुरुआत की, जिसमें सिर्फ महिलाएं ही जा सकती हैं।
इस शुरुआत के साथ इन्होंने अमेरिका में महिलाओं के लिए ऐसी पहली मस्जिद की शुरुआत की है जहां सिर्फ महिलाएं नमाज पढ़ सकती हैं और विभिन्न मुद्दों पर आपस में बातें कर सकती हैं। साथ ही यहां पर महिलाओं को वह सभी सुविधाएं भी मिलती हैं, जो पुरुषों को मिलती हैं।
महिला मुद्दों पर हो सकेगी बहस
इस मस्जिद में एक खतीबा होगी, जैसे कि पुरुषों में खतीब होता है, जो हर शुक्रवार को धर्म उपदेश देने का काम करता है। यह खतीबा मुस्लिम महिलाओं को महिला मुद्दों पर बहस करने की इजाजत देगी। साथ ही, हर महिला के मस्जिद जाने के अनुभव के बारे में बात करेगी।
शिकागो के एक लेखक हिंद मक्की (Hind Makki) ने एक वेबसाइट शुरू की है, जिस पर महिलाएं मस्जिदों में अपने धार्मिक अनुभवों की तस्वीरें डालती हैं। यहां कहा गया है कि बहुत से पुरुषों से इसका कोई अंदाजा नहीं है कि मस्जिदों में महिलाओं का अनुभव कितना खराब होता है।