फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   First Female-Only Mosque in The United States

मर्दों के लिए नहीं खुलेंगे इस मस्जिद के दरवाजे

Sat, 07 Feb 2015 03:29 PM IST
Updated Sat, 07 Feb 2015 03:29 PM IST
विज्ञापन
First Female-Only Mosque in The United States

कॉमेडियन हंसा मजनवी (Hasna Maznavi) और वकील सना मुतालिब (Sana Muttalib) दो ऐसी मुस्लिम महिलाएं हैं, जो अमेरिका की आम मस्जिदों में सहज महसूस नहीं करती थीं। इसी वजह से इन्होंने लॉस एंजेलिस में एक ऐसी मस्जिद की शुरुआत की, जिसमें सिर्फ महिलाएं ही जा सकती हैं।

विज्ञापन


इस शुरुआत के साथ इन्होंने अमेरिका में महिलाओं के लिए ऐसी पहली मस्जिद की शुरुआत की है जहां सिर्फ महिलाएं नमाज पढ़ सकती हैं और विभिन्न मुद्दों पर आपस में बातें कर सकती हैं। साथ ही यहां पर महिलाओं को वह सभी सुविधाएं भी मिलती हैं, जो पुरुषों को मिलती हैं।

विज्ञापन

महिला मुद्दों पर हो सकेगी बहस

First Female-Only Mosque in The United States

इस मस्जिद में एक खतीबा होगी, जैसे कि पुरुषों में खतीब होता है, जो हर शुक्रवार को धर्म उपदेश देने का काम करता है। यह खतीबा मुस्लिम महिलाओं को महिला मुद्दों पर बहस करने की इजाजत देगी। साथ ही, हर महिला के मस्जिद जाने के अनुभव के बारे में बात करेगी।

शिकागो के एक लेखक हिंद मक्की (Hind Makki) ने एक वेबसाइट शुरू की है, जिस पर महिलाएं मस्जिदों में अपने धार्मिक अनुभवों की तस्वीरें डालती हैं। यहां कहा गया है कि बहुत से पुरुषों से इसका कोई अंदाजा नहीं है कि मस्जिदों में महिलाओं का अनुभव कितना खराब होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed