आगरा: केंद्रीय मंत्री के आवास पर फायरिंग से सनसनी
केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया के खंदारी कैंपस स्थित आवास के बाहर मंगलवार दोपहर 12:30 बजे गोली चलने से सनसनी फैल गई।
कठेरिया उस समय अपनी गाड़ी मे बैठने जा रहे थे। उनके सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें तुरंत घेरे में ले लिया। बाद में पता चला कि फायरिंग दुर्गेश ठाकुर नाम के युवक पर की गई है, जो उनसे मिलने के लिए आया था। आरोप एनएसयूआई नेता मनीष गौतम पर है। पुलिस का कहना है कि मनीष और दुर्गेश में रंजिश चल रही है।
डा. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी के खंदारी कैंपस में स्थित कठेरिया के आवास पर घटना के वक्त लोगों की भीड़ लगी थी। कठेरिया लोगों की शिकायतें सुन रहे थे। भावना एस्टेट निवासी दुर्गेश भी मिलने आया था और अपनी बारी के इंतजार में बाहर बैठा था। उसे एनजीओ खोलने के लिए कठेरिया से सिफारिशी पत्र लिखवाना था।
उसका आरोप है कि तभी एनएसयूआई के नेता धर्मेंद्र चाहर, अमित गौतम, मनीष गौतम और कृष्णमणि त्रिपाठी पहुंचे। उन्होंने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। उस समय कठेरिया आवास से बाहर आ चुके थे और लोगों से मिलते हुए गाड़ी में बैठने जा रहे थे।
एनएसयूआई नेता पर फायरिंग का आरोप
चश्मदीदों ने बताया कि तभी गोली चलने की एक के बाद दो आवाजें सुनाई दीं। कठेरिया को उनके सुरक्षाकर्मियों ने घेर लिया। दुर्गेश भागता हुआ उनके पास पहुंचा। उसने बताया कि फायरिंग मनीष गौतम ने की है। कठेरिया ने उससे 100 नंबर पर सूचना देने के लिए कहा। उन्होंने खुद एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह को फोन कर घटना की जानकारी दी।
इसके बाद कठेरिया चले गए। उधर, मौके पर पहुंची सीओ हरिपर्वत एके सिंह ने बताया कि मनीष और दुर्गेश में रंजिश है। इसी में एक गोली चलाई गई है। इनमें पहले भी झगड़ा हो चुका है। खंदारी पर हुए फतेह सिंह हत्याकांड में दुर्गेश जेल गया था। कुछ दिन पहले ही जमानत पर बाहर आया है।
दूसरी ओर, कठेरिया का कहना है कि पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। एसएसपी को सूचना दिए जाने के बावजूद किसी अधिकारी ने उनके पास आकर घटना की जानकारी तक लेना जरूरी समझा। इसकी शिकायत शासन में की जाएगी।