शिक्षक के एक थप्पड़ से भड़के छात्र, फूंकने लगे कॉलेज को
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राजकीय पालीटेक्निक कालेज के वार्षिक खेलकूद के समापन समारोह के दौरान बुधवार को भारी बवाल हो गया। भोजन के पैकेट की मांग को लेकर हंगामा कर रहे एक छात्र को शिक्षक ने थप्पड़ मार दिया, इसी बात से आक्रोशित छात्रों ने जमकर तोड़फोड़ की।
दो बाइकों को आग के हवाले कर दिया। एक कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने बवाली छात्रों को खदेड़ा। पुलिस ने चार छात्रों को हिरासत में लिया है। कालेज स्टाफ में दहशत का माहौल है। घटना की तहरीर पुलिस को दी गई है।
राजकीय पालीटेक्निक में तीन दिन से वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता चल रही थी। समापन समारोह के बाद छात्रों ने भोजन के पैकेट की मांग की। इसी बीच कुछ छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया, जिस पर एक शिक्षक ने एक छात्र को थप्पड़ मार दिया।
बताते हैं कि उस वक्त तो छात्र वहां से चला गया, लेकिन कुछ देर बाद तमाम छात्र खेल के मैदान में पहुंच गए, जहां उन्होंने तोड़फोड़ शुरू कर दी। इससे अफरातफरी मच गई।
बाइक को किया आग के हवाले
कालेज स्टाफ ने छात्रों को समझाने की कोशिश की। इस दौरान छात्रों ने शिक्षक अशोक कुमार व कमल कुमार की बाइक को आग के हवाले कर दिया। बाद में शिक्षक अशोक कुमार सिंह की कार में भी तोड़फोड़ कर दी।
कालेज के मुख्य कार्यालय के गेट पर भी तोड़फोड़ की। सूचना पर सीओ सिटी आले हसन, सिविल लाइंस, कोतवाली व गंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देख हंगामा करने वाले छात्र मौके से खिसक लिए। फायर ब्रिगेड ने गाड़ियों में लगी आग पर काबू पाया।
पुलिस ने चार छात्रों को हिरासत ले लिया। घटना के बाद पुलिस बल यहां तैनात कर दिया गया है। पुलिस में कालेज के प्रधानाचार्य की ओर से तहरीर दी जा रही है। पुलिस इन सभी से पूछताछ कर रही है।
पालीटेक्निक से निष्कासित दो छात्रों के साथ छात्रों ने हंगामा किया। समझाने की कोशिश की तो तोड़फोड़ की गई। अभद्र व्यवहार भी किया गया। मामले की तहरीर दी जा रही है। छात्रों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-दिनेश कुमार, प्रधानाचार्य, राजकीय पालीटेक्निक
महिलाओं से भी किया अभद्र व्यवहार
पालीटेक्निक में नाराज छात्रों का उग्र रूप देख कालेज का स्टाफ दहशत में आ गया। स्टाफ का परिवार मदद के लिए चीख पुकार मचाता रहा, लेकिन कोई मदद को नहीं पहुंचा। इस बीच कुछ छात्रों ने हिम्मत दिखाई तो छात्र मौके से हटे। अब वह यहां सुरक्षा इंतजाम की मांग कर रहे हैं।
कालेज में तीन दिन से चल रहे खेलकूद समारोह के आखिरी दिन छात्रों ने जमकर बवाल किया। छात्रों का गुस्सा इतना जबर्दस्त था कि वह किसी को देख ही नहीं रहे थे। किसी की भी सुनने को तैयार नहीं थे।
मैदान में तोड़फोड़ करने के बाद छात्रों ने अपना रुख कालेज के स्टाफ के क्वार्टर की ओर कर लिया। यहां पर प्रधानाचार्य समेत आठ शिक्षकों के आवास हैं। छात्रों ने कालेज के शिक्षकों के साथ अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया और क्वार्टर को घेर लिया।
टाइप टू आवास में रहने वाले कालेज के स्टाफ के लोग दहशत में आ गए। कालेज के शिक्षक वाईपी आर्य, अशोक कुमार के परिवार के लोग मकान में ही कैद हो गए। उग्र छात्रों ने क्वार्टर कैंपस में खड़ी कार को तोड़ डाला। इस बीच दो शिक्षकों की बाइकों को आग के हवाले किया तो परिवार के लोग दहशत में आ गए।
शिक्षिका पूनम का कहना था कि छात्र काफी उग्र थे और महिलाओं से भी अभद्र व्यवहार कर रहे थे। हालत यह थी कि कोई भी छात्र किसी की नहीं सुन रहा था। छोटे बच्चे मदद के लिए चीख रहे थे, लेकिन शोरशराबा और हंगामे के बीच कोई मदद को आगे नहीं आ रहा था।
कालेज के स्टाफ के लोगों का कहना है कि छात्रों का रवैया ऐसा पहले कभी नहीं था। इसके अलावा प्रधानाचार्य कक्ष के बराबर में भी तोड़फोड़ की गई, जिसके बाद कालेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी दहशत में आ गए।