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दिल्ली के एक वृद्धाश्रम में लगी आग, दो की मौत
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 05 Apr 2014 08:04 AM IST
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वसंतकुंज स्थित ओल्डएज होम में बृहस्पतिवार रात आग लगने से बुजुर्ग और मानसिक रूप से कमजोर युवती की मौत हो गई। आग से पूरा सामान व होम के किनारे खड़ा एक बड़ा पेड़ पूरी तरह जलकर खाक हो गया।
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घटना का कारण बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट बताया गया है। वसंतकुंज (साउथ) थाना पुलिस ने अज्ञात लोगों केखिलाफ लापरवाही से हुई मौत आदि धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
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दक्षिण जिला पुलिस के अनुसार वसंतकुंज डी-ब्लॉक के पास 34, ग्रीन एवेन्यू में गुरुकुल नाम से ओल्डएज होम है। इसे दा अर्थ सेवियर्स फाउंडेशन नाम का एनजीओ चलाता है। इसके संचालक रवि कालरा ने बताया कि होम में 150 से ज्यादा बुजुर्ग, अनाथ व मानसिक रूप से कमजोर लोग रहते हैं। पुलिस असहाय व बेघर लोगों को होम में रखवाती है।
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इनमें से 100 लोग ऐसे हैं जो मानसिक रूप से कमजोर व चलने-फिरने में असमर्थ हैं। करीब 100 एकड़ जमीन पर प्लास्टिक की चादरों से बने होम में बृहस्पतिवार रात करीब दो बजे आग लग गई। इसके बाद सभी लोग होम से निकल आए, लेकिन रमेश चंद्र (65) और मानसिक रूप से कमजोर 28 वर्षीय युवती जिंदा जल गई। युवती कनॉट प्लेस इलाके में लावारिस हालत में घूमती मिली थी।
होम के लोग उसे पूनम के नाम से पुकारते थे। रमेश चंद्र को उनका भतीजा होम में छोड़कर गया था। वह दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर है। रात करीब होम में आग लगने की सूचना रात पौने तीन बजे पुलिस को दी गई। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंच गईं।
आग की भयावयता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लोहे के बक्सों में रखा सामाना पूरी तरह जलकर खाक हो गया। हालांकि बुजुर्गों का कहना है कि आग लगने के एक घंटे बाद दमकल वाहन वहां पहुंचे। पुलिस शुक्रवार दोपहर तक बचाव कार्य करती रही।
मदद का हाथ बढ़ाने होम पहुंचे लोग
होम में आग लगने की खबर मिलते ही लोग वहां रहने वाले लोगों की मदद के लिए वहां पहुंचने लगे। कोई बिस्तर, कोई खाने का सामान तो कुछ लोग बना हुआ खाना लेकर पीड़ित लोगों का दर्द बांटने पहुंचे। सहायता करने वाले लोग शुक्रवार रात तक वहां आते रहे।
आग ने लोगों की पहचान खत्म कर दी
होम संचालक रवि कालरा ने बताया कि लोहे के बक्से, बेड, अलमारियां, डिस्पेंसरी और रसोई का सामान व अनाज की बोरियां जल गईं। उन्होंने बताया कि सारे कागजात भी आग की भेंट चढ़ गए। इनमें यहां रहने वाले लोगों के बारे मेें जानकारी थी। कौन कहां से आया था और उसके परिवार के लोग कहां रहते थे, यह सब जानकारी इन कागजों में थी। ज्यादातर लोग तो दोबारा अपनी पहचान बताने में समर्थ ही नहीं हैं।
कई बड़े परिवारों के बुजुर्ग रहते हैं यहां
लंदन में जन्मे और इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (कॉमनवेल्थ देशों) के रिटायर जज अविकाज राज रहते हैं। परिवार के लोगों द्वारा देखभाल न करने पर वह तीन वर्ष पहले यहां रहने आए थे। होम में प्रसिद्ध एनआरआई लार्ड शिवराज पॉल के भाई अजय अग्रवाल भी रहते हैं।
अजय अग्रवाल ने बताया कि बेटे ने उन्हें किसी सुनसान जगह पर छोड़ दिया था। इसके बाद वह होम में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि एनआरआई भाई का कुछ महीने पहले पत्र आया था और भारत आकर मिलने की बात कही थी। रवि कालरा ने बताया कि ज्यादातर बुजुर्ग अपने परिवार को याद कर रोते रहते हैं। एक नौ महीने की गर्भवती यहां रहने आई थी। उसे होम में बच्चे को जन्म दिया। उसकी कोई पहचान नहीं है।
पहचान के बाद ही शवों का पोस्टमार्टम होगा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच-पड़ताल के बाद ही किसी को गिरफ्तार किया जाएगा।शवों को पोस्टमार्टम केलिए अस्पताल में रखवा दिया गया है। परिजनों द्वारा पहचान करने के बाद ही शवों का पोस्टमार्टम किया जाएगा। इधर, होम के लोगों का कहना था कि जब वे जिंदा थे, तब परिजनों ने उन्हें नहीं पूछा तो मरने केबाद क्या पूछेंगे।
होम की जमीन को लेकर चल रहा है विवाद
पुलिस के अनुसार एनजीओ किराए पर जमीन लेकर इस होम को चला रहा है। एक वर्ष पहले इस जमीन की किराए की लीज खत्म हो गई थी। मालिक जमीन को खाली कराना चाहता है, लेकिन एनजीओ संचालक को कहीं जमीन मिल नहीं रही है।
बुजुर्गों ने जमीन के लिए थाने के सामने प्रदर्शन भी किया था। एनजीओ संचालक रवि कालरा का कहना है कि दिल्ली केतत्कालीन उपराज्यपाल तेजेन्द्र खन्ना दो बार यहां आए थे और जमीन देने का वादा किया था। बताया गया है कि होम के अंदर कुछ भैसें भी बंधी हुई थीं।