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बिना जांच के दर्ज करनी होगी FIR, सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 12 Nov 2013 12:25 PM IST
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सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को एफआईआर को लेकर एक बड़ा फैसला दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि संगीन मामलों में तुरंत प्राथमिकी दर्ज करनी होगी और अगर ऐसा नहीं होता, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि अगर शिकायतकर्ता किसी ऐसी अपराध की रिपोर्ट लिखाने थाने पहुंचता है, तो पुलिस को हर हालत में एफआईआर दर्ज करनी होगी। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि प्राथमिकी से पहले शुरुआती जांच जरूरी नहीं है।
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प्रधान न्यायाधीश पी सदाशिवम की अगुवाई वाली शीर्ष अदालत की संवैधानिक पीठ ने कहा कि उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जो पीड़ित की शिकायत दर्ज नहीं करेंगे।
पीठ की तरफ से न्यायमूर्ति सदाशिवम ने कहा कि इसके पीछे मंशा कॉग्निजेबल ऑफेंस (ऐसा अपराध में जिसमें दोषी ठहराए जाने पर तीन साल या इससे ज्यादा सजा हो सकती है) एफआईआर को निर्णायक बनाना है।
ऐसे अपराधों के मामले में जांच अधिकारी आरोपी को बिना किसी वॉरंट के भी गिरफ्तार कर सकता है।