फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   fir against facebook in lucknow

प्रोफाइल बैन करने पर फेसबुक के खिलाफ एफआईआर

Mon, 19 Nov 2012 01:42 PM IST
लखनऊ/ब्यूरो
लखनऊ/ब्यूरो Updated Mon, 19 Nov 2012 01:42 PM IST
विज्ञापन
fir against facebook in lucknow

सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट पर प्रोफाइल तीन दिन के लिए बैन किए जाने से नाराज एक वकील ने फेसबुक के खिलाफ साइबर क्राइम सेल में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पीड़ित ने इस अस्थाई बैन को अपने मानवीय व नैसर्गिक अधिकारों का हनन और मानसिक कष्ट देने वाला बताया है। उसने प्रोफाइल बैन करने के लिए फेसबुक को रिपोर्ट करने वालों के खिलाफ भी शिकायत की है। साइबर क्राइम सेल ने मामला दर्ज कर लिया है।

विज्ञापन


लखनऊ के हुसैनगंज निवासी वकील प्रिंस लेनिन ने बताया कि वे कई साल से फेसबुक पर हैं। 11 से 13 नवंबर तक उनका प्रोफाइल फेसबुक ने बिना किसी पूर्व सूचना या चेतावनी के बैन कर दिया। इस बारे में जब उन्होंने फेसबुक को रिपोर्ट किया तो पता चला कि उनके खिलाफ कई शिकायतें की गई हैं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।
विज्ञापन


इस पर प्रिंस ने शिकायतकर्ताओं को असामाजिक तत्व बताते हुए बैन को नाजायज बताया। साथ ही शिकायत की कि प्रोफाइल पर मौजूद उनके इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स, निजी जीवन से संबंधित दस्तावेज, फोटो, वार्तालाप के रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों को बिना वजह प्रतिबंधित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


साइबर सेल को दी अपनी शिकायत में प्रिंस ने फेसबुक और उनका प्रोफाइल बैन करने के लिए झूठी रिपोर्ट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साइबर सेल प्रभारी दिनेश यादव ने बताया कि सेल ने साइबर क्राइम आईटी एक्ट के तहत धारा 66 व 84 में मामला दर्ज किया है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड से छेड़छाड़, रिकॉर्ड के मालिक की इन जानकारियों तक पहुंच रोकने या प्रतिबंधित करने की शिकायतें ली जाती हैं। इसमें दोषियों पर 3 साल के कारावास का प्रावधान है। वे मामले की जांच करेंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।


'संवेदनशील है मेरा प्रोफाइल'  
प्रिंस लेनिन ने बताया कि वे एनआरएचएम सहित कई मामलों में मुकदमे लड़ रहे हैं। फेसबुक के जरिए वे बतौर सामाजिक कार्यकर्ता विभिन्न मामलों पर अपनी बात रखते हैं और जरूरी मौकों पर विरोध दर्ज कराते हैं। ऐसे में उनका प्रोफाइल बेहद महत्वपूर्ण व संवेदनशील है। तीन दिन के बैन के बाद प्रोफाइल भले ही फिर मिल गया लेकिन इन दौरान जिस मानसिक संत्रास से गुजरे, वे नहीं चाहते कि कोई और गुजरे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed