फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   fir against dalit sisters of baghpat

बागपत: दलित बहनों के खिलाफ ही मामला दर्ज

Mon, 14 Sep 2015 06:19 PM IST
Updated Mon, 14 Sep 2015 06:19 PM IST
विज्ञापन
fir against dalit sisters of baghpat

उत्तर प्रदेश के बागपत में खाप पंचायत के कथित ‘बलात्कार’ के फरमान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची दो दलित बहनों के मामले में एक नया मोड आ गया है। इन बहनों, उनके भाई और परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज किया गया है।

विज्ञापन


इन बहनों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर ये आरोप लाया था कि बागपत के संकरौद गांव की पंचायत ने उनका बलात्कार किए जाने का फरमान इसलिए दिया था क्योंकि इन बहनों के भाई ऊंची जाति की एक महिला के साथ भाग गए थे।
विज्ञापन


लेकिन स्थानीय पुलिस और अधिकारी इस आरोप को सिरे से खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि पंचायत की ओर से ऐसा कोई आदेश दिया ही नहीं गया है।

कल होना है पेश

fir against dalit sisters of baghpat

बीबीसी की टीम भी जब कुछ दिनों पहले उस गांव में गई थी तो उसे पंचायत के इस तरह के फरमान की पुष्टि नहीं हो सकी थी।अब ऊंची जाति की उसी महिला ने ही बहनों, उनके भाई और परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ बलात्कार की शिकायत की है।

बागपत के एसपी, शरद सचान ने बीबीसी से बातचीत में बताया, “लडकी अपनी शिकायत लेकर जिला अदालत गई और वहां से आदेश हुआ कि पुलिस बलात्कार की शिकायत दर्ज करे, तो हमने एफआईआर दर्ज कर ली है।”

पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के सामने जब ये जानकारी आई, तो उन्होंने दलित बहनों के पूरे परिवार के खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने पर रोक लगा दी।बहनों के वकील राहुल त्यागी ने बीबीसी को बताया, “कोर्ट ने रोक लगाते हुए कहा कि बहनों के परिवार को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश होना होगा और उसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।”

नहीं मिल रहा कोई जमानती

fir against dalit sisters of baghpat

त्यागी के मुताबिक कोर्ट में मेरठ पुलिस के एक सीनियर इंस्पेक्टर ने ऐफिडेविट देकर ये बताया है कि ऊंची जाति की लडकी और बहनों के भाई अपनी मर्जी से भागे थे।उन्होंने कहा, "ऊंची जाति की लडकी ने बलात्कार की शिकायत दबाव में आकर की है।"

18 अगस्त को इन बहनों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली थी कि उन्हें और ऊंची जाति की लडकी को सुरक्षा मुहैया करवाई जाए और पूरे मामले की सीबीआई जांच हो।

याचिका दायर किए जाने से पहले ही बहनों के भाई और ऊंची जाति की लडकी को वापस गांव ले आया गया था और भाई को गिरफ्तार कर लिया गया था।बहनों के भाई पर प्रतिबंधित ड्रग्स रखने का आरोप लगाया गया था। अदालत से जमानत होने के बावजूद वो इस वक्त जेल में हैं।

बहनों के वकील राहुल त्यागी के मुताबिक गांव में हो रहे बहिष्कार की वजह से उनके परिवार को जमानत करवाने के लिए गांव से कोई जमानती नहीं मिल रहा।

पिछले महीने बहनों की सुप्रीम कोर्ट में याचिका की खबर सामने आने पर अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संस्था एमनेस्टी इंटरनैश्नल ने इंटरनेट पर इस मामले में एक अपील डाली जिसपर अबतक दुनियाभर से हजारों लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं। दोनों बहनें पिछले कुछ महीनों से दिल्ली में छिपकर रह रही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed