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वसुंधरा-गहलोत के बीच फंसा वित्त विभाग

Mon, 03 Nov 2014 09:14 PM IST
Updated Mon, 03 Nov 2014 09:14 PM IST
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finance department in trouble with vashundhara raje and ashok gehlot.

राजस्थान का वित्त विभाग वर्तमान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच पिस रहा है। खास बात यह है कि ये विभाग खुद राजे के पास है।

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पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर पिछले साल पेश किए गए बजट में आंकड़ों में गड़बडिय़ों के आरोप हैं। इस मामले में वित्त विभाग को विधानसभा की विशेषाधिकार हनन समिति को रिपोर्ट भेजना भारी पड़ रहा है।
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यदि विभाग रिपोर्ट में बजट में आंकड़ों की गड़बड़ी सही ठहराता है, तो बजट प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ जाएगी और रिपोर्ट बजट आंकड़े सही बताती है, तो गलत आरोपों लगाने के कारण भाजपा सरकार की बदनामी हो जाएगी।
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इस वर्ष की शुरूआत में भाजपा सरकार के विधायकों ने कांग्रेस सरकार में रहे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर बतौर वित्त मंत्री वर्ष 2013-14 के बजट में आंकड़ों में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। गहलोत पर भाजपा विधायकों ने आरोप लगाए कि राजस्व आधिक्य और राजस्व घाटे के बारे में जानबूझकर गलत जानकारी दी।


तत्कालीन सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं का पैसा बजट में शामिल नहीं किया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने ये मामला विशेषाधिकार हनन समिति को सौंप दिया था। अध्यक्ष ने छह माह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। अब छह माह कुछ दिनों में पूरे होनेवाले हैं। समिति ने इस मामले को लेकर वित्त विभाग से रिपोर्ट मांगी, जिससे यह तय हो सके कि बजट में आंकड़ों को गलत तरीके से पेश किया गया। अब तक समिति को रिपोर्ट का इंतजार है। वित्त विभाग के अधिकारी इस मामले पर मौन साधे हैं।

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