एक-दूसरे को काटने में जुटे सोनिया-राहुल के वफादार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ वाले कांग्रेस नेता जनार्दन द्विवेदी के बयान के बहाने कांग्रेस की अंदरूनी सियासत तेज हो गई है। मामला सिर्फ मोदी की तारीफ का नहीं बल्कि असली जंग तो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी के वफादारों के बीच आपस में ही छिड़ी हुई है।
इस जंग का ही नतीजा पीएम मोदी की तारीफ को लेकर छिड़े बवाल के रूप में सामने आया है। द्विवेदी सोनिया के करीबियों में से एक हैं, जबकि उन्हें राहुल लॉबी में शामिल नहीं माना जाता। दूसरी तरफ द्विवेदी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कहने वाले अजय माकन राहुल के वफादार माने जाते हैं।
द्विवेदी के बयान को लेकर कांग्रेस ने बेहद सख्त ऐतराज जताया। पार्टी महासचिव माकन सूचना, संचार और मीडिया विभाग के अध्यक्ष भी हैं।
उन्होंने पार्टी की ओर से द्विवेदी के बयान की कड़ी निंदा करते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई जल्द करने की बात कही। पार्टी के शीर्ष सूत्रों का कहना है कि माकन ने ही राहुल को इसकी शिकायत की थी कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के ऐन वक्त पर द्विवेदी के बयान से पार्टी को नुकसान हो सकता है।
राहुल ने सार्वजानिक तौर पर निंदा करने के लिए कहा
इसके बाद राहुल ने माकन को द्विवेदी के बयान की सार्वजनिक तौर पर कड़ी निंदा करने के लिए कहा। सूत्रों का यहां तक कहना है कि राहुल ने माकन को द्विवेदी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को लेकर कुछ नहीं कहा था।
माकन ने अपनी ओर से ही कार्रवाई का फैसला जल्द होने की बात कही। इसे लेकर द्विवेदी ने हाईकमान के सामने सख्त ऐतराज जताया है। उन्होंने ने सफाई दी कि बयान को मीडिया में तोड़-मरोड़ कर पेश करने के बावजूद उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही गई। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी की अंदरूनी रार सबके सामने आ गई है।
पार्टी के अंदर इस बात की चिंता है कि सोनिया और राहुल के बीच में भले ही आपस में टकराव न हो लेकिन पार्टी के कई बड़े नेता आपस में बंटे हुए हैं। दिग्विजय सिंह, मधुसूदन मिस्त्री, सीपी जोशी, अजय माकन, मोहन प्रकाश जैसे पार्टी महासचिव राहुल गांधी के समर्थक माने जाते हैं, जबकि द्विवेदी, अंबिका सोनी, गुलाम नबी आजाद जैसे कई नेता सोनिया के करीब हैं।