मरते दम तक कट्टरपंथियों के खिलाफ लड़ती रहूंगी: तस्लीमा
बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने शनिवार को कहा कि कट्टरपंथी उनकी आवाज बंद नहीं करा सकते हैं और वह मरते दम तक कट्टरपंथियों और बुरी ताकतों से लड़ती रहेंगी।
एक कार्यक्रम में तस्लीमा ने कहा कि कट्टरपंथी मेरी हत्या कराना चाहते हैं लेकिन मैं उनका विरोध करना चाहती हूं। यदि मैंने लिखना बंद कर दिया तो यह उनकी जीत होगी और मेरी हार।
मैं ऐसा नहीं होने देना चाहती हूं। मैं चुप नहीं बैठूंगी। मैं मरते दम तक कट्टरपंथियों, बुरी ताकतों के खिलाफ अपनी जंग जारी रखूंगी।
कट्टरपंथी उनकी आवाज बंद नहीं करा सकते हैं
अपनी रचनाओं को लेकर कट्टरपंथियों के निशाने पर रहने वाली 52 वर्षीय लेखिका वर्ष 1994 से निर्वासित जीवन जी रही हैं। मुस्लिम कट्टरपंथियों ने तस्लीमा के खिलाफ मौत का फतवा जारी किया हुआ है।
कर्नाटक के स्थानीय समाचार पत्र में बुर्के पर लिखे अपने लेख को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि जानबूझकर उनको बदनाम करने की कोशिश की गई और माहौल खराब करने के लिए उनके लेख का दुरुपयोग किया गया।