धर्मांतरण: बोरिया-बिस्तर समेट भागे 50 परिवार
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धर्मांतरण प्रकरण में 37 मुस्लिम परिवारों की नागरिकता की जांच शुरू होने के साथ ही खेरागढ़ और एत्मादपुर के बाद फतेहाबाद के बमरौली कटारा में कबाड़ियों की बस्ती खाली हो गई है। 50 परिवारों के 150 से अधिक संदिग्ध लोग रातोंरात अपना बोरिया-बिस्तर समेटकर ले गए।
फतेहाबाद रोड स्थित बमरौली कटारा में प्लाट पर झुग्गी झोपड़ी डालकर कई साल से रह रहे 50 से अधिक परिवार शुक्रवार तड़के चले गए। क्षेत्र के लोगों ने कुछ परिवारों को रिक्शे में सामान लादते देखकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस को सिर्फ खाली झोपड़ियां मिलीं। यह लोग प्लॉट मालिक को 15 हजार रुपये किराया देते थे। कबाड़ का काम भी करते थे। बंगाली भाषा बोलते थे। क्षेत्रीय लोगों को उनके बांग्लादेशी होने का शक है।
बता दें कि वेद नगर की कबाड़ा बस्ती में रहने वाले लोग खुद को बंगाली बता रहे थे। कुछ लोगों के बांग्लादेशी होने की बात सामने आई थी। जांच के लिए सुरक्षा एजेंसी और पुलिस की टीम बंगाल भेजी जा चुकी हैं। जिले में भी ऐसे लोगों की नागरिकता की जांच हो रही है। जिले में कई स्थान ऐसे हैं, जहां पर कबाड़ी झुग्गी-झोपड़ी में रह कर गुजर बसर कर रहे हैं। इनकी जांच नहीं हो सकी है। खेरागढ़ और एत्मादपुर में भी ऐसी ही एक बस्ती जांच से पहले ही खाली हो गई थी। पुलिस ने बताया कि लोगों के बारे में पता किया जा रहा है।
नंदकिशोर के बचाव में उतरी शिवसेना
वेद नगर प्रकरण के आरोपी नंदकिशोर वाल्मीकि के समर्थन में शिवसेना उतर आई है। शिवसेना का कहना है कि नंदकिशोर निर्दोष है। शुक्रवार को प्रेसवार्ता के दौरान शिवसेना के जिला प्रमुख वीनू लवानिया ने कहा कि नंदकिशोर की गिरफ्तारी के बाद से हिंदूवादी संगठन उससे पल्ला झाड़ चुके हैं।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि हवन में उपस्थित लोगों की पहले जांच होनी चाहिए, उसके बाद धर्म परिवर्तन को लेकर उठ रहे सवालों की पड़ताल हो। नंदकिशोर के बचाव के लिए वह कानूनी सलाहकारों से इस संबंध में जानकारी करेगी और उसको जेल से बाहर निकालने के लिए पैरवी करेगी। वीनू लवानिया ने कहा कि इस दौरान शिवसेना उसके परिवार की पूरी मदद करेगी।
सच जानने अल्पसंख्यक आयोग की टीम आगरा पहुंची
धर्मांतरण मामले की हकीकत जानने के लिए शुक्रवार देर रात उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग का चार सदस्यीय दल आगरा पहुंचा। सर्किट हाउस में सदस्यों ने अमर उजाला से कहा कि आगरा आने का मकसद वेद नगर में हुए जबरन धर्मांतरण मामले की हकीकत और मकसद जानना है। अभी तक सिर्फ मीडिया के द्वारा ही खबरें मिली हैं। यह दल शनिवार की सुबह वेद नगर जाकर संबंधित लोगों से मुलाकात करेगा।
अल्पसंख्यक आयोग की टीम देरी से पहुंचने के कारण टीम वेद नगर कबाड़ बस्ती वालों से नहीं मिल सकी। आयोग सदस्य व आगरा प्रभारी सोहेल अयूब जीलानी ने कहा कि हकीकत तो बस्ती वालों से मिलकर ही पता चलेगी। ऐसी भी सूचनाएं आ रही है कि उन्हें डराया जा रहा है। पीड़ितों मिलने और बयान दर्ज करने के बाद सर्किट हाउस में अधिकारियों से मिलेंगे। पीड़ित और प्रशासन से बात करने के बाद रिपोर्ट तैयार आयोग को सौंपेंगे।
अब संघ के शिविर पर बढ़ी सरगर्मी
धर्मांतरण की सरगर्मी के बीच आरएसएस यहां 24 दिसंबर से लेकर 31 दिसंबर तक अपना आईटीसी कैंप हाथरस में मुरसान के एक इंटर कॉलेज में लगाएगा। आरएसएस ने इस कैंप की तैयारी कर ली हैं और काफी स्वयंसेवकों को इस अभ्यास वर्ग शिविर में बौद्धिक और अन्य रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। संघ के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी भी इस शिविर की तैयारी में जुट गए हैं। इधर, शासन-प्रशासन का फरमान है कि किसी भी शिक्षण संस्था में फिलहाल केवल शैक्षिक गतिविधि ही हो सकती हैं। ऐसे में शिविर पर प्रशासन का अड़ंगा लग सकता है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समय-समय पर अपने शिविर लगाता रहता है। यह शिविर अक्सर स्कूल-कॉलेजों में ही रहते हैं। सूत्रों के मुताबिक संघ के एक प्रांतीय स्तर के पदाधिकारी शुक्रवार को यहां आए और इसकी जानकारी की। संघ के जिला प्रचारक आनंद का कहना है कि शिविर मुरसान के राजा महेंद्र प्रताप इंटर कॉलेज में लगेगा और हर साल इस तरह के शिविर लगते हैं। वहीं डीआईओएस पहले ही शासन का फरमान जारी कर चुके हैं। ऐसे में शिविर के आयोजन में प्रशासन अड़ंगा नहीं लगा दे, यह देखने वाली बात होगी।
डीआईओएस जितेंद्र कुमार मलिक का कहना है कि किसी भी परिषद के राजकीय, वित्तपोषित अथवा मान्यता प्राप्त विद्यालय परिसर में सिर्फ शैक्षिक गतिविधियों से जुडे़ कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। अन्य किसी संगठन आदि के कार्यक्रम को कोई अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी। ऐसी बात संज्ञान में आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
संघ के पदाधिकारी ने बढ़ाया कार्यकर्ताओं का मनोबल
अलीगढ़ के ‘घर वापसी’ को लेकर संघ के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा रहे हैं। कह रहे हैं कि कार्यक्रम होकर रहेगा। इसके लिए तैयार रहें। उनकी तैयारी व्यर्थ नहीं जाएगी। दरअसल, आलाकमान सभी पहलुओं पर विचार कर रहा है। कार्यक्रम होगा। यह अलग बात है कि इसमें देरी हो सकती है। स्थानीय पदाधिकारी अपने वरिष्ठ पदाधिकारियों के संपर्क में भी हैं। इस क्रम में संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी यहां आए भी। हालांकि उनके आने का कारण संघ के अभ्यास वर्ग की तैयारी बताई जा रही हैं, लेकिन सूत्रों की मानें तो वह इस बारे में यही संकेत देकर गए हैं कि कार्यक्रम जिनके हवाले किया गया है, वह खामोश नहीं हैं। अलीगढ़ का कार्र्यक्रम स्थगित होने के बाद भी प्रशासन हिंदूवादियों की गतिविधियों को लेकर पूरी तरह से चौक न्ना है। जहां से भी सूचना मिल रही है, वहां अधिकारी जा रहे हैं।
धर्मांतरण के विरोध में उतरी एएमयू छात्र यूनियन
धर्मांतरण के विरोध में एएमयू छात्र संघ भी उतर आया है। उसने कहा है कि देश का माहौल बिगाड़ने वाले आरएसएस और उसकी गतिविधियों पर रोक लगनी चाहिए। शाखाओं का संचालन भी बंद होना चाहिए। राजेश्वर आज भी खुलेआम बयानबाजी कर रहा है। 2021 में सभी मुसलमानों को हिंदू बनाने की बात कही जा रही है। उपाध्यक्ष सैय्यद मसूद उल हसन ने कहा कि धर्मांतरण के मामले पर केंद्र हो या राज्य सरकार कोई भी कार्रवाई नहीं कर रही हैं। छात्रसंघ ने राष्ट्रपति को संबोधित चीफ प्रॉक्टर जमशेद अहमद को ज्ञापन सौंपा। पेशावर मेें हुई घटना व धर्मांतरण के विरोध में छात्र जुमे की नमाज के बाद पैदल मार्च करते हुए बाब-ए- सैयद (प्रवेश द्वार) तक पहुंचे। छात्रों को संबोधित करते हुए छात्रसंघ सचिव शाहजेब अहमद ने कहा कि पाकिस्तान में मासूम बच्चों के सीनों को छलनी करने वाले मुसलमान कतई नहीं हो सकते।