डोपिंग में फंसी अर्जुन अवॉर्डी गीता
देश के सबसे बड़े खेल आयोजन नेशनल गेम्स में एक बार फिर बड़ी संख्या में पदक विजेता डोप में पकड़े गए हैं। खास बात यह है कि पकड़ी गई सभी पदक विजेता महिलाएं हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम 2006 के मेलबर्न कॉमनवेल्थ खेलों में देश को स्वर्ण पदक दिलाने वाली पंजाब की वेटलिफ्टर गीता रानी का है।
गीता लंबे समय से प्लस 75 किलो भार वर्ग में देश की नंबर वन लिफ्टर रही हैं। केरल में बीते माह समाप्त हुए नेशनल गेम्स में उन्होंने अपने राज्य के लिए स्वर्ण पदक जीता था। खेलों में देश के लिए दी गई सेवाओं के लिए उन्हें अर्जुन अवॉर्ड दिया जा चुका है।
एशियाई चैंपियनशिप सहित उन्होंने एफ्रो एशियाई खेलों में भी पदक जीता है। गीता के अलावा हरियाणा की वेटलिफ्टर हरजीत कौर, महाराष्ट्र की कोमल वाकाले भी डोप में फंसी हैं। साथ ही इन्हीं खेलों में पंजाब के लिए हैमर थ्रो में रजत जीतने वाली केएम रचना भी डोप में पकड़ी गई हैं। मूल रूप से बागपत (यूपी) की रहने वाली रचना इस वक्त एनआईएस पटियाला में रियो ओलंपिक की तैयारियों के लिए चल रहे नेशनल कैंप में थीं, जहां से उन्हें तत्काल हटा दिया गया है।
डोप में फंसी गीता रानी और कोमल
गीता रानी और कोमल ने नेशनल गेम्स में स्वर्ण और रजत जीता था। नाडा की ओर से गीता के लिए गए मूत्र सैंपल में स्टेरॉयड 17बी मिथाइल हाईड्रॉक्सी पाया गया है, जबकि कोमल के सैंपल में स्टीमुलेंट स्ट्रीकनीन मिला है। हरियाणा के लिए 58 किलो में रजत जीतने वाली लिफ्टर हरजीत के सैंपल में भी स्टेरॉयड 17बी मिथाइल हाईड्रॉक्सी पाया गया है, जबकि हैमर थ्रोअर रचना के सैंपल में भी स्टेरॉयड मिटनेलॉन पाया गया है। इन चारों को बी सैंपल टेस्ट के लिए कहा गया है, लेकिन कोई आगे नहीं आया है।
कुछ अन्य बड़े नाम भी फंस सकते हैं
यह तो शुरुआत भर है। सूत्र बताते हैं कि कुछ अन्य नाम भी डोप पॉजिटिव सूची में शामिल हो सकते हैं। संदिग्ध होने के चलते कुछ टेस्टों को दोबारा किया जा रहा है। डोप पॉजिटिवों की संख्या आठ से अधिक जा सकती है।
चार साल का लगेगा प्रतिबंध
वाडा के नए नियमों के तहत अब डोप में फंसने वालों के लिए दोबारा कैरियर शुरू करना आसान नहीं होगा। अब दो साल का नहीं बल्कि अपनी बेगुनाही साबित नहीं करने पर चार साल का प्रतिबंध लगेगा। यह नियम एक जनवरी से प्रभावी हुआ है। अब तक बी सैंपल टेस्ट के लिए खिलाड़ी को कुछ नहीं देना होता था, लेकिन दोबारा टेस्ट के लिए अब खिलाड़ी को अपनी जेब से 5500 रुपये देने होंगे।